नयी दिल्ली 31 मार्च (वार्ता) संसद में इस सप्ताह वक्फ़ संशोधन विधेयक पेश किये जाने की अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आज देश के मुस्लिम समाज को आगाह किया कि उन्हें कांग्रेस के ईकोसिस्टम द्वारा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) की तर्ज पर वक्फ़ को लेकर भड़काने की कोशिश की जा रही है ताकि देश काे कमज़ोर किया जा सके इसलिए मुस्लिम समाज को बहकावे में नहीं आना चाहिए।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज़ हुसैन ने ईद के अवसर पर उनके निवास पर पधारे पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ऐसी रिपोर्टें आयीं हैं कि ईद के मौके पर मस्जिदों में नमाज़ के वक्त कई जगह लोग काली पट्टी बांध कर नमाज़ पढ़ने आये हैं। उन्होंने कहा कि वक्फ़ संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस का ईकोसिस्टम फिर से सक्रिय हो गया है और उन्हें उसी तरह से भड़काने की कोशिश की जा रही है जैसे सीएए को लेकर और कृषि कानूनों को लेकर भड़काया गया था और कुछ लोग वक्फ़ के नाम पर बेसिरपैर का हंगामा कर रहे हैं।
श्री हुसैन ने कहा कि रमज़ान के बाद ईद खुशी का मौका होता है। इबादत के बीच सियासत कहां से आ गयी। उन्होंने काली पट्टी बांध कर आने वालों को चेतावनी दी कि वे मस्जिद को राजनीति का अड्डा नहीं बनायें। मस्जिद में ख़ुदा और बंदे के बीच का रिश्ता होता है। सियायत की कोई गुंजाइश नहीं होती है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज बहकावे में नहीं आयें। ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लमीन के नेता असदुद्दीन ओवैसी एक आलीशन जि़ंदगी जीते हैं। उनका आम मुसलमानों से कोई लेना देना नहीं है। वह हिन्दू और मुसलमानों के बीच लड़ाई-झगड़ा करवा कर अपनी राजनीति चमकाते हैं। वह इसी लक्ष्य को लेकर काम कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि वक्फ़ संशोधन विधेयक में किसी भी मज़ार, दरगाह, मस्जिद, ईदगाह या कब्रिस्तान को छीना नहीं जा रहा है। बल्कि गरीब मुसलमानों को उसका लाभ मिले, इसका प्रावधान किया गया है। इसलिए इसके विरोध का कोई कारण ही नहीं है। उन्होंने कहा कि आज बहुत थोड़े लोगों ने काली पट्टी बांधी थी जबकि बहुसंख्यक मुसलमानों ने काेई पट्टी नहीं बांधी और सामान्य रूप से हर्षोल्लास के साथ नमाज़ अदा की। इस तरह से काली पट्टी वालों की हार हुई है।
उल्लेखनीय है कि संसद के बजट सत्र में अब केवल चार दिन रह गये हैं। सूत्रों के अनुसार चार अप्रैल के पहले दोनों सदनों से वक्फ़ संशोधन विधेयक पारित कराये जाने की संभावना है।
