गोली चलाने और बन्दूक तानने वालों के नाम पता नहीं कर पाई दो थानों की पुलिस
जबलपुर: गुरूवार को कलेक्ट्रेट रजिस्ट्री कार्यालय से जमीन को लेकर शुरू हुआ दो पक्षों का विवाद 12 बोर की बंदूक तानने के साथ ही गोलछा अपार्टमेंट में गोलीकांड मे तब्दील हो गया था। एक दिन बीत जाने के बाद पुलिस किसी भी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है। जबकि इस मामले में दो थानों की पुलिस लगी हुई है। ओमती से लेकर सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मचे उपद्रव मामले में शुक्रवार को देर शाम तक पुलिस ने मामले में एफआईआर तक दर्ज नहीं की थी। बंदूक किसने तानी, गोली किसने चलाई, दोनों गुटों में कौन, कौन शामिल है इस पर दोनों ही थानों की पुलिस चुप्पी साधे रही।
क्या है मामला
विदित हो कि कलेक्ट्रेट रजिस्ट्री ऑफिस में गुरूवार को जमीन को लेकर दो पक्षों में विवाद हुआ था जिसके बाद दोनों पक्ष भिड़ गए थे। इस बीच एक पक्ष ने दूसरे पर 12 बोर की बंदूक निकाल ली थी, फायरिंग की कोशिश हुई थी। इस दौरान जैसे तैसे मामला शांत हुआ लेकिन शाम होते ही गोलछा अपार्टमेंट में शाम दोनों पक्षों के बीच पुन: टकराव हुआ। इस बीच हवाई फायरिंग हुई। पुलिस ने 12 बोर का खोखा भी जब्त किया है।
नामचीन नाम आने के बाद अधिकारी चुप
सूत्रों की माने तो मामला हाईप्रोफाइल होते ही पुलिस अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है। जमीनी विवाद और गोलीकांड में नामी बिल्डरों, ठेकेदारों, प्रापर्टी डीलरों, पुराने बदमाशों के तार जुड़ रहे है। जिसके बाद से सिविल लाइन थाना प्रभारी नेहरू खंडाते से लेेकर ओमती थाना प्रभारी राजपाल सिंह बघेल इस मामले में दूसरे दिन शुक्रवार को भी कुछ भी कहने से बचते रहे। पुलिस अधिकारी द्वारा भी दो दिन बीत जाने के बाद भी वारदात को स्पष्ट नहीं कर पाये है।
फुटेज धुंधले या गड़बझाला
पुलिस सीसीटीव्ही फुटेज खंगलाने के साथ अन्य बिन्दुओं पर जांच करने का दावा कर रही है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में फुटेज धुंधले भी आ रहे है। जिसके चलते पुलिस क्षेत्र के सभी सीसीटीव्ही कैमरों को भी खंगाल रही है। वहीं दिग्गजों द्वारा इस वारदात के पहलुओं पर गड़बझाला करने जोर तोड़ भी शुरू कर दिया गया है।
