नयी दिल्ली 24 मार्च (वार्ता) दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश किये बिना बजट प्रस्तुत करने के मुद्दे पर प्रदेश सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए कहा है कि भाजपा सरकार सिर्फ हवाई महल बना रही है।
श्री यादव ने सोमवार को मीडियाकर्मियों से कहा कि भाजपा सरकार के पास राजधानी के कई मुद्दों के समाधान के लिए कोई ठोस योजना नहीं है और भाजपा केवल हवाई महल बना रही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण बजट से पहले अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन और वर्तमान स्थिति का व्यापक अवलोकन प्रदान करता है। यह नीति निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में भी कार्य करता है, जिससे उन्हें बजट तैयार करते समय सूचित निर्णय लेने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण आर्थिक स्वास्थ्य का आकलन करने, रुझानों और चुनौतियों की पहचान करने, प्राथमिकताएं निर्धारित करने, नीति मूल्यांकन, आधारभूत अनुमान प्रदान करने, पारदर्शिता और जवाबदेही प्रदान करने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सर्वेक्षण एक निदान रिपोर्ट की तरह कार्य करता है, जो सरकार को एक ऐसा बजट तैयार करने के लिए आवश्यक अंतर्दृष्टि प्रदान करता है। इसे उत्तरदायी, रणनीतिक और देश की आर्थिक वास्तविकताओं के अनुरूप होना चाहिए।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हालांकि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ कई दौर की बैठकें की हैं और जनता से सुझाव मांगे हैं, लेकिन भाजपा सरकार के पास दिल्ली के विकास के लिए बजट के लिए और दिल्ली के लोगों से किए गए कई चुनाव पूर्व वादों को पूरा करने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) पर नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट ने केजरीवाल सरकार द्वारा संगठन के भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन को उजागर किया है, जिससे कांग्रेस सरकार द्वारा बिना किसी घाटे के डीटीसी को सौंपने के बाद 2021-22 में इसे 8,498.35 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले आठ वर्षों में न केवल डीटीसी बेड़े में कोई नई बस नहीं जोड़ी गई, बल्कि बसों की संख्या 4344 से घटकर 3937 रह गई तथा डीटीसी के कुल रूट 814 से घटकर आधे रह गए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि दिल्ली कांग्रेस पिछले कई वर्षों से कैग रिपोर्ट में उल्लेखित इन सभी खामियों को उजागर कर रही थी, लेकिन केजरीवाल ने अपने शासन में भ्रष्टाचार और अकुशलता को छिपाने के लिए कैग रिपोर्ट को विधानसभा में पेश नहीं किया, जिससे एक बार लाभ में रहे विभाग को जबर्दस्त वित्तीय संकट का समाने करने में मजबूर कर दिया है।
