भोपाल, 24 मार्च (वार्ता) मध्यप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने आज कहा कि सदन का चलना और सदन में चर्चा होना, पक्ष और विपक्ष दोनों के हित में है।
श्री तोमर ने विधानसभा के बजट सत्र के समापन के पहले अपने उद्बोधन में यह बात कही। उन्होंने कहा कि सदन में सार्थक चर्चा के माध्यम से ही जनता की समस्याओं का निराकरण होता है। सदन का चलना और चर्चा होना पक्ष और विपक्ष दोनों के हित में है। इससे जहां एक ओर विपक्ष को प्रश्नों, ध्यानाकर्षण और विभिन्न संसदीय माध्यमों से अपनी बात कहने का अवसर मिलता है, वहीं सरकार को अपनी कार्यप्रणाली में कमियों को दूर करने के लिए बहुमूल्य सुझाव प्राप्त होते हैं। इससे प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार करने और उसमें कसावट लाने में सुविधा रहती है।
श्री तोमर ने कहा कि सदन की सफल कार्यवाही से विधायिका के कार्यपालिका पर नियंत्रण की वास्तविक तस्वीर भी परिलक्षित होती है। वास्तव में हमारा लक्ष्य यही होता है कि लोकतंत्र समृद्ध हो और संसदीय कार्यप्रणाली प्रदेश और उसकी जनता की प्रगति तथा उन्नति का माध्यम बने।
अध्यक्ष ने बताया कि सोलहवीं विधानसभा के पंचम सत्र (बजट सत्र) का आज सोमवार को समापन हो गया। दस मार्च से प्रारंभ हुए इस सत्र में कुल 9 दिन सदन की कार्यवाही संचालित हुई, जिसमें सौहार्दपूर्ण वातावरण में पक्ष−विपक्ष ने सक्रियता के साथ भाग लिया और विधायी, वित्तीय और लोक महत्व के कार्य संपादित किए गए। इस सत्र में राज्यपाल मंगुभाई पटेल का अभिभाषण हुआ एवं प्रदेश सरकार के वित्त वर्ष 2025−26 के आय व्यय को पारित किया गया तथा मौजूदा वित्त वर्ष 2024−25 की द्वितीय अनुपूरक मांगों को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
विधानसभा सचिवालय के अनुसार सत्र के सफलतापूर्वक समापन पर अध्यक्ष श्री तोमर ने प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, सभी मंत्रियों, विधायकों, पत्रकारों और विधानसभा सचिवालय के सभी अधिकारियों कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
सत्र समापन के पहले अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पक्ष एवं विपक्ष दोनों ओर के सभी सदस्य सदन की पूरी कार्यवाही में सत्र के अंतिम दिन तक सक्रिय रूप से प्रतिभागी रहे, यह एक स्वस्थ लोकतांत्रिक पंरपरा की निशानी है। इसके लिए अध्यक्ष और सभी विधायक बधाई के पात्र हैं।
काफी समय के बाद राज्य विधानसभा की कार्यवाही निर्धारित तिथियों के अनुरूप चली। कुछ कार्य दिवसों में तो निर्धारित समय अवधि से ज्यादा समय रात्रि दस बजे तक सदन की कार्यवाही में सक्रियता से सदस्यों ने भाग लिया। इस सत्र में अशासकीय कार्य भी काफी मात्रा में हुए हैं। विधानसभा सचिवालय के अनुसार इस सत्र में कुल 2939 प्रश्न प्राप्त हुए, जिसमें से 1448 तारांकित और 1491 अतारांकित प्रश्न थे। ध्यानाकर्षण की 624 सूचनाएं प्राप्त हुईं, जिसमें से 33 सूचनाएं ग्राह्य की गईं। शून्यकाल की 183 सूचनाएं और 510 याचिकाएं भी प्राप्त हुईं। इस सत्र के दौरान 4 विधेयक और एक अशासकीय संकल्प भी सदन में पारित हुआ। इस सत्र में अनेक समितियों के 59 प्रतिवेदन भी सदन के पटल पर रखे गए।
राज्यपाल के अभिभाषण पर कृतज्ञता ज्ञापन के प्रस्ताव पर सदन में कुल 11 घंटे 30 मिनट चर्चा हुई और बजट पर सामान्य चर्चा 9 घंटे 44 मिनट चली। लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने सत्र समापन के उपरांत मीडिया से चर्चा में कहा कि यह सत्र पूर्ण रूप से सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ है और विधानसभा की कार्यवाही को कुशलता पूर्वक संपादित करने में अध्यक्ष श्री तोमर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सत्र समापन पर श्री तोमर से भेंट करके मुख्यमंत्री डॉ. यादव, नेता प्रतिपक्ष श्री सिंघार और संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने सत्र के सफल संचालन की बधाई दी।
