इंदौर:मां की नृशंस हत्या के मामले में कोर्ट ने बेटे और उसके दोस्त को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. यह दिल दहला देने वाली घटना 24 अप्रैल 2019 को सागौर थाना क्षेत्र के ग्राम खंडवा में घटी थी, जहां बुजुर्ग महिला कौशल्याबाई पति रामचंद्र के घर में घुसकर बदमाशों ने उनके दोनों पैर काट दिए और पैरों में पहनी चांदी की कड़ियां व अन्य जेवर लूट लिए. साथ ही, घर में रखे 50 हजार रुपए भी लेकर फरार हो गए.
गंभीर रूप से घायल कौशल्याबाई को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया. मामले की सूचना मिलते ही तत्कालीन थाना प्रभारी प्रतीक शर्मा ने जांच शुरू की थी. संदेह के घेरे में आए महिला के बेटे रंजीत और उसके दोस्त जितेंद्र से जब कड़ी पूछताछ की गई, तो उन्होंने अपराध स्वीकार कर लिया.
पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर विवेचना पूरी की और आरोपियों के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया. अभियोजन पक्ष की ओर से टीसी बिल्लोरे उप संचालक, अभियोजन ने मामले की पैरवी की. कोर्ट में 17 गवाहों के बयान दर्ज किए गए, जिसके बाद पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने रंजीत और जितेंद्र को आजीवन कारावास की सजा सुनाई
