संघीय अदालत न्यायाधीशों की शक्ति को सीमित करें, ट्रंप ने किया आग्रह

वाशिंगटन 21 मार्च (वार्ता) अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने देश की संघीय अदालत से उन न्यायाधीशों की शक्ति को सीमित करने का आग्रह किया है जो उनके प्रशासन की नीतियों को अवरुद्ध करने वाले निषेधाज्ञा जारी करते हैं जिससे राष्ट्रपति और न्यायपालिका प्रणाली के बीच बढ़ते तनाव का संकेत मिलता है।

श्री ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपने पोस्ट में कहा, “कट्टरपंथी वामपंथी न्यायाधीशों द्वारा गैरकानूनी राष्ट्रव्यापी निषेधाज्ञा हमारे देश के विनाश का कारण बन सकती है। ये न्यायाधीश राष्ट्रपति पद की शक्तियों को ग्रहण करना चाहते हैं। इससे पहले कि बहुत देर हो जाये , ऐसी निषेधाज्ञा बंद करें। यदि संघीय अदालत और मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स इन विसंगतियों को तत्काल ठीक करें। हमारा देश बहुत गंभीर संकट में है।”

ट्रम्प प्रशासन की कई नीतियों को लेकर पहले ही मुकदमे चल रहे हैं, जिनमें जन्मसिद्ध नागरिकता का निरसन, एलन मस्क और सरकारी दक्षता विभाग के सदस्यों द्वारा अमेरिकी ट्रेजरी से निजी जानकारी प्राप्त करना, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ से धन रोकना, यू.एस. एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट से कर्मचारियों की बर्खास्तगी तथा शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर छंटनी जैसे मामले शामिल है। ऐसी कई नीतियों और कार्रवाई पर न्यायिक निर्णयों के जरिए रोक लगा दी गयी है या अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है। इससे प्रशासन के भीतर तथा श्री ट्रम्प के समर्थकों के बीच आक्रोश बढ़ा है, जिसके कारण न्यायाधीशों पर महाभियोग चलाने की लगातार मांग की जा रही है। इस सप्ताह की शुरुआत में श्री ट्रंप ने वेनेजुएला के प्रवासियों के निर्वासन को रोकने के बाद कोलंबिया के डिस्ट्रिक्ट जज जेम्स बोसबर्ग पर महाभियोग चलाने की मांग की। बोसबर्ग कोलंबिया जिले के लिए यू.एस. डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश हैं।

इससे पहले मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने श्री ट्रंप और उनके समर्थकों की उन न्यायाधीशों पर महाभियोग चलाने की वकालत करने के लिए आलोचना की, जिन्होंने प्रशासन के खिलाफ फैसला सुनाया है। उन्होंने कहा , “दो शताब्दियों से भी अधिक समय से यह व्यवस्था कायम है कि न्यायिक निर्णय के संबंध में असहमति के लिए महाभियोग उचित प्रतिक्रिया नहीं है। इसके लिए सामान्य अपीलीय समीक्षा प्रक्रिया मौजूद है।”

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