भाजपाई रणनीतिकारों द्वारा विभिन्न समीकरणों को केंद्र में रखकर विमर्श जारी
प्रवेश कुमार मिश्र
नई दिल्ली:भाजपा का अगला राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा ? इस सवाल को लेकर अटकलों का बाजार गर्म है. दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपाई रणनीतिकार विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक और क्षेत्रीय समीकरणों पर विमर्श करते हुए पहली बार किसी महिला नेत्री के हाथ राष्ट्रीय नेतृत्व सौंपने को लेकर गंभीर मंथन कर रहे हैं.सूत्रों की मानें तो पार्टी रणनीतिकार अलग-अलग समीकरणों पर पिछले कुछ दिनों से लगातार मंथन कर रहे हैं. इस आंतरिक विमर्श के तहत ही सबसे पहले किसी दक्षिण भारतीय नेता के हाथ कमान सौंपकर दक्षिण भारत में पार्टी की ताकत बढ़ाने की रणनीति पर विचार किया गया था.
इसके लिए केन्द्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, जी किशन रेड्डी के नाम पर चर्चा की गई है. इसके बाद मौजूदा राज्यपालों, उपराज्यपालों व पूर्व मुख्यमंत्री में से किसी अनुभवी वरिष्ठ नेता के हाथ जिम्मेदारी देकर सत्ता व संगठन के बीच बेहतर तालमेल बैठाकर विजयी कारवां को बढ़ाने को लेकर भी विमर्श किया गया था. इस श्रेणी में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, पूर्व मुख्यमंत्री व केन्द्रीय मंत्री शिवराजसिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, सिक्किम के राज्यपाल ओमप्रकाश माथुर व झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री व पूर्व राज्यपाल रघुवर दास के नाम पर विमर्श किया गया था. इतना ही नहीं पार्टी ने अपने दूसरे पंक्ति के अपेक्षाकृत युवा व अनुभवी नेताओं में से किसी को नेतृत्व सौंपने को लेकर भी चर्चा की है. इस श्रेणी में केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, पूर्व मंत्री अनुराग ठाकुर का नाम चर्चा में रहा है.
लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि उक्त तीनों समीकरणों पर मंथन के बाद पिछले दिनों पार्टी के एक वरिष्ठतम नेता की ओर से सुझाव आया है कि किसी वरिष्ठ व अनुभवी महिला नेत्री को आगे बढ़ाते हुए कथित तौर पर संख्या बल में विश्व के सबसे ज्यादा सदस्यों वाली पार्टी की सांगठनिक ढांचे को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी पहली बार किसी महिला के हाथ सौंपना चाहिए. कहा जा रहा है कि इस सुझाव के बाद पार्टी रणनीतिकार इस समीकरण को केंद्र में रखकर अभी तक तीन दौर की बैठक कर चुके हैं. इस क्रम में पार्टी रणनीतिकारों ने एक दर्जन से भी अधिक अनुभवी महिला नेताओं के नाम पर विस्तृत मंथन किया है.
सूत्रों की मानें तो इस रेस में सबसे आगे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया, आंध्र प्रदेश की पार्टी अध्यक्ष व सांसद दग्गुबती पुरंदेश्वरी , पार्टी की महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वानथी श्रीनिवासन, पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, पूर्व सांसद पुनम महाजन, मीनाक्षी लेखी समेत कई अन्य महिला नेताओं के नाम पर विमर्श चल रहा है. कहा जा रहा है कि पार्टी रणनीतिकार महिला के हाथ कमान सौंपकर राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत संदेश देते हुए आधी आबादी के बीच उनके सशक्तिकरण का सार्थक व दृढ़ संकल्प को प्रमाणित करने का प्रयास कर सकते हैं. सूत्र बता रहे हैं कि यदि महिला के साथ दक्षिण भारतीय नेता के नाम पर सहमति बनी तो दग्गुबती पुरंदेश्वरी , वानथी श्रीनिवासन में से किसी के हाथ कमान सौंपकर पार्टी दूरगामी प्रभाव डालने वाला निर्णय कर सकती है.
