भोपाल, 11 मार्च (वार्ता) मध्यप्रदेश विधानसभा में आज कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक एवं पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने राज्य में हाल ही में संपन्न ग्लोबल इंवेस्टर्स समिट (जीआईएस) और इससे जुड़े अन्य आयोजनों में एक वर्ष के दौरान 30 लाख करोड़ रुपयों से अधिक के निवेश प्रस्ताव आने संबंधी दावे पर सवाल उठाए।
श्री सिंह ने सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर पेश किए गए धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में शामिल होते हुए इस प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने अभिभाषण का हवाला देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में कुल निवेश प्रस्ताव 30.77 लाख करोड़ के आए। जबकि मध्यप्रदेश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) इससे आधा है। मध्यप्रदेश के वर्तमान के पूरे उद्योगों को मिलाकर, जो भी क्रय-विक्रय हो रहा है, सबकुछ मिलाकर सकल घरेलू उत्पाद 15 लाख करोड़ रुपए है और यहां 30 लाख करोड़ रुपए के निवेश के बारे में बताया जा रहा है, यह सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा है।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि हम तो यह सुनना चाहते थे कि पिछले 1 साल में मोहन यादव की सरकार ने कितने उद्योग स्थापित किए हैं और कितने रोजगार दिए गए हैं। इसके बारे में तो एक शब्द नहीं है। उन्होंने दोहराया कि करारों के बारे में अवश्य फर्जी आकड़े पेश किए गए हैं। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि राज्य में वर्तमान में पीथमपुर, मंडीदीप, मानपुर और जो अन्य औद्योगिक क्षेत्र हैं, वे पूर्व में कांग्रेस के शासनकाल में ही विकसित किए गए हैं। वहीं पर अभी भी उद्योग चल रहे हैं।
श्री सिंह ने चर्चा में शामिल होते हुए राज्य के नर्सिंग घोटाले को भी एक बार फिर से उठाया और तथ्याें के साथ अनेक सवाल उठाए। इस बात को लेकर सदन में सत्तारुढ़ दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस के सदस्यों के बीच नोंकझोंक भी हुयी। श्री सिंह ने कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीतों को फिर से बसाने से जुड़े प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए दावा किया कि वे चीते वहां के स्थानीय लोग भी नहीं देख पा रहे हैं। ये सिर्फ मंत्रियों और अधिकारियों को दिखाए जाते हैं।
उन्होंने बेरोजगारी, सिंहस्थ में जमीन संबंधी मामले, भाजपा की बीस सालों की सरकार के दौरान भ्रष्टाचार के मामले भी उठाए। श्री सिंह ने कहा कि बीस सालों में जो भ्रष्टाचार हुआ, तो उसका एक प्रतीक सौरभ शर्मा की कार से 50 किलो सोना और 11 करोड़ रुपए नगद जप्त होना है। उन्होंने कहा कि यह तो सिर्फ एक ही गाड़ी से जप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि सुनने में आया था कि इस तरह की एक नहीं पांच गाड़ियां थीं। इसी तरह आज भी टोल बैरियर लगे हुए हैं और वहां पर “वसूली” भी होती है।
श्री सिंह के बाद भाजपा के वरिष्ठ विधायक शैलेंद्र जैन ने चर्चा में शामिल होते हुए मोहन यादव सरकार के एक वर्ष के कार्य गिनाए। उन्होंने केन बेतवा लिंक परियोजना का उदाहरण देते हुए कहा कि इसके क्रियान्वयन से पूरे बुंदेलखंड अंचल की कायापलट हो जाएगी। यह क्षेत्र वर्षोँ से उपेक्षित रहा है, लेकिन केंद्र और राज्य की मौजूदा सरकार ने इस योजना पर कार्य प्रारंभ कर बड़ा संदेश दिया है।
इसके पूर्व धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा की शुरूआत पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा विधायक श्रीमती अर्चना चिटनिस ने की। उन्होंने भी विस्तार से आकड़े पेश करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों के बारे में बताया। सदन इस प्रस्ताव पर चर्चा देर शाम तक चलती रही, जिसमें भाजपा और कांग्रेस के अनेक सदस्यों ने हिस्सा लिया।
