विपक्ष का पूर्वोत्तर को नजरअंदाज करने, तो सत्तापक्ष का अभूतपूर्व विकास का दावा

नयी दिल्ली, 11 मार्च (वार्ता) विपक्ष ने सरकार पर मणिपुर तथा पूर्वोत्तर राज्यों के प्रति उदानसीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कहा कि वहां विकास के नाम पर सिर्फ दावे किये जा रहे हैं और जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं हो रहा है, जबकि सत्ता पक्ष ने कहा कि मणिपुर ही नहीं पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र पर मोदी सरकार का फोकस है जिसके कारण वहां अभूतपूर्व तरीके से विकास के काम हो रहे हैं लोग इसका पूरा लाभ उठा रहे हैं।

लोकसभा में कांग्रेस के गौरव गोगोई ने ‘अनुदानों की अनुपूरक मांगे : वर्ष 2025-26 के लिए मणिपुर राज्य के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांग’ पर हुई सामान्य चर्चा में हिस्सा लेते हुए आज कहा कि पूर्वोत्तर संवेदनशील क्षेत्र है और लोगों की संवेदना वहां से जुड़ी है। मणिपुर में दो साल से बंदूक के नोक पर लोगों का जीवन चल रहा है, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है। उसको मणिपुर में शांति बहाली के प्रयास करने चाहिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मणिपुर जाना चाहिए और वहां के लोगों की समस्याओं पर विचार करना चाहिए और उसके समाधान के लिए जल्द से जल्द कदम उठाने चाहिए।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्ष के सदस्य बार-बार प्रधानमंत्री का अपमान करते हैं। यह गलत परम्परा है और श्री गोगोई को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री का सम्मान किया जाना चाहिए और समझना चाहिए कि किसी भी तरह से उन्हें गाली नहीं दी जा सकती है। अध्यक्ष ओम बिरला ने चेतावनी देते हुए कहा कि सदस्यों को इधर-उधर की बातें करने की बजाय नियम के अनुसार सदन में रखे मुद्दे पर बात करनी चाहिए और जो मुद्दे सदन में चर्चा के लिए रखे जाते हैं उन पर ही चर्चा करनी चाहिए। सदस्य यदि विषय से हटकर बोलेंगे तो नये सदस्य को बोलने के लिए बुलाया जा सकता है।

श्री गोगोई ने कहा कि प्रधानमंत्री के पुराने भाषणों को देखेंगे तो उन्होंने बार-बार पूर्व प्रधानमंत्रियों का अपमान किया है। उन्होंने अमेरिका के साथ तारीफ का मुद्दा भी उठाया और कहा, “इससे देश की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है। सरकार सिर्फ हैडलाइन पर ध्यान दे रही है जमीन पर क्या हो रहा है इसकी उसे चिंता नही होती है। सरकार को जीएसटी पर सुधार लाना चाहिए लेकिन हैरानी की बात है कि मंदिरों पर भी टैक्स लगाया जा रहा है, स्कूल स्टेशनरी और ड्रेस पर भी जीएसटी लग रहा है और एक तरह से लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है। आयकर के मुद्दे को देखें तो सरकार ने एक ही अधिकारी को बहुत अधिक अधिकार दे दिए हैं इसलिए वह हर कम पर लोगों को प्रताड़ित करने का काम कर रहे हैं छोटे कार्यभारों को और सामान्य लोगों को प्रताड़ित किया जा रहा है।”

उन्होंने कहा कि विश्व बैंक में भारत की स्थिति में सुधार की बात कही गई है, लेकिन वास्तविकता अलग है। विनिर्माण घटा है, निजी क्षेत्र का निवेश घटा है और जिन क्षेत्रों में लोगों को रोजगार मिलना चाहिए। उन क्षेत्रों में निजी स्तर पर निवेश नहीं हो रहा है और मध्यम वर्ग को कुछ नहीं मिल रहा है इसलिए यह वर्ग पलायन के लिए मजबूर हो रहा है, बच्चे चीन जा रहे हैं और यूक्रेन में युद्ध में शामिल हो रहे हैं। यह सरकार की नीतियों के कारण देश में पलायन की स्थिति का ताजा उदाहरण है कि देश के बच्चे अमेरिका जा रहे हैं और उन्हें वहां पकड़कर में बांधकर वापस भेजा जा रहा है।

कांग्रेस नेता ने कहा, “देश में निवेश घट रहा है। मेक इंडिया के नाम पर सरकार सिर्फ हैडलाइन बना रही है। देश में रक्षा बजट बढ़ाना चाहिए। दुनिया में बढ़ रहा है, लेकिन हमारे देश में रक्षा बजट सिर्फ चार फीसदी ही बढ़ है। इससे पता चलता है कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा पर कितना ध्यान दे रही है।”

श्री गोगोई ने कहा, “आज मणिपुर को लेकर अनुदान मांगों पर चर्चा हो रही है इसलिए गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री जी को राजधर्म का पालन करते हुए मणिपुर जाना चाहिए और पिछले डेढ़ दाे साल से मणिपुर में जो संकट है उसका समाधान करना चाहिए।”

भाजपा के विप्लव देव ने कहा कि मोदी सरकार पूर्वोत्तर में शांति और विकास के लिए समर्पित होकर काम कर रही है और यही वजह है कि आज त्रिपुरा या अन्य किसी राज्य का नाम लेंगे तो लोगों को मालूम होता है क्योंकि वहां के बारे में श्री मोदी के कारण लोग जानने लगे हैं। श्री मोदी ने जो विकसित भारत की कल्पना की है उसके लिए 20 हजार करोड़ रुपए की योजना बनाई है और इससे पूर्वोत्तर को बहुत लाभ होगा। पूर्वोत्तर में विकास के जो काम सरकार ने शुरु किये हैं उसका लाभ पूर्वोत्तर के हर आदमी को पहुंच रहा है। उनकी सरकार ने अभूतपूर्व तरीके से पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए कदम उठाए हैं।

उन्होंने कहा कि बेटियों के लिए जो कदम मोदी सरकार ने उठाए हैं उसका लाभ पूर्वोत्तर के गरीबों को मिल रहा है और वहां गरीब को अब अपनी बेटी के विवाह के खर्च में दिक्कत नहीं हो रही है। उनका कहना था कि आज डाॅक्टर की पढ़ाई क्षेत्रीय भाषा में हो रही है और एमबीबीए की सीटें बढ़ाई जा रही हैं ताकि हर वर्ग का बच्चा डॉक्टर बन सके।

उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर के किसी भी राज्य में देखें तो मोदी सरकार ने वहां विकास की नयी ऊर्जा पैदा की है और कोई क्षेत्र विकास से वंचित न रहे इसके लिए पूर्वोत्तर विकास मंत्रालय की स्थापना की गई है। अब पूर्वोत्तर के छात्र अपनी भाषा में अपने ही घर पर कोचिंग ले रहे हैं और उन्हें कोटा या किसी अन्य स्थान पर कोचिंग के लिए जाने की जरूरत नहीं है।

समाजवादी पार्टी के नीरज मौर्य ने अनुपूरक बजट और मणिपुर के बजट पर चर्चा में कहा कि उत्तर प्रदेश के किसान बहुत परेशान हैं। सरकार को पुरानी पेंशन बहाल करनी चाहिए। उत्तर प्रदेश में खाद की कमी से किसान परेशान हैं। जब खाद लेने जाते हैं तो लाठियां चलायीं जाती हैं। सरकारी स्कूलों में संसाधन नहीं हैं तो गांव गरीब मजदूर किसान के बच्चे कैसे पढ़ेंगे। देश में सबके लिए एक समान शिक्षा हो जाए तो ही भारत विकसित बन सकेगा। बजट से काम नहीं होगा जब तक जमीन पर क्रियान्वयन नहीं होता है, तब तक काम नहीं बनेगा।

उन्होंने कहा कि मणिपुर का बजट वहां की विधानसभा में तय होता तो अच्छा होता। प्रधानमंत्री मॉरीशस से लौटते समय मणिपुर भी हो आयें। उन्होंने कहा कि एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 2023 के बाद से पूर्वोत्तर में हुई हिंसा का 77 प्रतिशत मणिपुर में ही हुआ है। मणिपुर की हिंसा से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई है। ऐसे समय जब वहां समाज बंट गया है तो सरकार ने अपने विवेक से फैसले किये हैं जिससे स्थिति खराब हुई है।

इस पर हस्तक्षेप करते हुए भाजपा के संबित पात्रा ने कहा कि सदन में मणिपुर की संवेदनशीलता को बनाये रखा जाये। सांसद होने के नाते हमारी भी जिम्मेदारी है। हमें इसका ध्यान रखना चाहिए।

श्री मौर्य ने कहा कि मणिपुर में जातीय संघर्ष, जंगल की समस्या, नशे की तस्करी, जैसे अनेक मुद्दे हैं जिनके कारण राज्य में गृहयुद्ध जैसे हालात हैं। इस पर विचार करके सभी दलों को विश्वास में लेकर सरकार को इसका समाधान किया जा सकता है।

तृणमूल कांग्रेस के कीर्ति झा आज़ाद ने कहा कि 2014 में आये तब कहा गया था कि ना खाउंगा ना खाने दूंगा। लेकिन मैंने खेलों में 400 करोड़ रुपए के घोटाले का मामला लेकर गया तो चर्चा नहीं हुई और मुझे ही विभीषण की तरह लंका से निकाल दिया गया। रोज़गार के जो दावे किये गये थे, यदि वे सही होते तो 20 करोड़ लोगों को रोजगार मिलता और 100 करोड़ लोग सुखी जीवन जी सकते थे। लेकिन सरकार 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज दे रही है। 25 करोड़ लोगों को गरीबी से निकाला है। यानी गरीबों की संख्या 105 करोड़ थी। करीब साढ़े तीन करोड़ आयकर दाता हैं। आप तेल, घी, आटा, चावल, पनीर, दूध आदि पर जीएसटी लगाते हैं। यदि सरकार आयकर छूट देने की बजाय जीएसटी में छूट दे दी जाये तो 140 करोड़ लोगों को फायदा हो सकता था।

श्री आज़ाद ने कहा कि पेट्रोल पर डीज़ल पर एक्साइज़ ड्यूटी भाजपा सरकार ने बढ़ायी। सरकार जीएसटी की बात करने पर जीएसटी परिषद की बात कही जाती है। जीएसटी परिषद में 31 राज्यों में से 20 तो राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के हैं और केन्द्र को 10 राज्यों की अतिरिक्त शक्ति दी गयी है तो केन्द्र सरकार के हाथ में 75 प्रतिशत की ताकत है। तो फिर पेट्रोल डीजल को जीएसटी में ले आयें। उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सिंह के समय 112 डॉलर प्रति बैरल की दर के अंतरराष्ट्रीय मूल्य होने के बावजूद 65 रुपए प्रतिलीटर के मूल्य पर पेट्रोल मिलता था और आज 80 डॉलर प्रति बैरल की दर होने के बावजूद पेट्रोल डीजल तीन साल से शतक लगा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022 से पश्चिम बंगाल को एक लाख करोड़ रुपए से अधिक का धन नहीं दिया है जिसमें जीएसटी का हिस्सा शामिल है।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम के अरुण नेहरू ने कहा कि भारत ने यूपीआई के क्षेत्र में 23 लाख करोड़ रुपए के भुगतान का रिकॉर्ड बनाया है। हम बार बार आत्मनिर्भर भारत की बात करते हैं लेकिन 23 लाख करोड़ रुपए में से 20 लाख करोड़ रुपए के भुगतान केवल दो अमेरिकी कंपनियों के प्लेटफाॅर्म से करते हैं। यानी हम किसी को डोसा खाने के बाद भुगतान करें तो अमेरिकी कंपनी को हमारे डाटा मिल जाते हैं। डाटा सुरक्षा एक विचारणीय प्रश्न है। उन्होंने कहा कि राज्यों को उनका हिस्सा देने की बजाय सस्ते ऋण लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। केन्द्रीयकरण का तरीका ठीक नहीं है, विकेन्द्रीकरण करना चाहिए।

शिवसेना के धैर्यशील संभाजीराव माने ने कहा कि सरकार लोगों के कल्याण के लिए काम कर रही है। विपक्ष वालों की आदत है सिर्फ आलोचना करना है लेकिन सरकार देश के सभी लोगों के कल्याण की बात कर रही है। विपक्ष की सरकार में घोटालों की बात होती थी लेकिन आज नीतियों की बात हो रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता कल फिर से ईवीएम पर सवाल उठाया जबकि वह खुद उसी ईवीएस से जीतकर आये है।

उन्होंने कहा कि चीनी का मूल्य आम लोगों के लिए अलग हो तथा व्यावसायिक प्रयोग करने वालों के लिए अलग मूल्य होना चाहिए ताकि गन्ना किसानों को इसका फायदा हो सके। उन्होंने चीनी का देश में जितना उत्पादन होता है उनका तीस प्रतिशत ही डोमेस्टिक प्रयोग होता है।

उन्होंने कहा कि कोल्हापुर को दक्षिण का काशी कहा जाता है इसलिए यहां एक टूरिज्म सर्किट बनाने की जरूरत है। कोल्हापुर में एक आईटी पार्क की भी आवश्यकता है सरकार को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

कांग्रेस के अल्फ्रेड आर्थर ने कहा कि सरकार ने मणिपुर के बजट में बढोतरी नहीं करके वहां कि पिछड़े लोगों को उनके हाल पर ही छोड़ना चाहती है। बजट में कोई ऐसा नहीं प्रावधान नहीं किया गया है बल्कि पुरानी बातों को दोहराने का काम किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार मणिपुर के कोर क्षेत्र पर ध्यान नहीं दे रही है जिसका उसका विकास नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में आज क्या हो रहा है। राज्य को इस हाल में पहुंचाने के लिए कौैन जिम्मेदार है। उन्होंने बजट को मणिपुर विरोधी करार देते हुए कहा कि मणिपुर छोटा राज्य है लेकिन लोग छोटे नहीं है। मणिपुर के लोगो भी देश के अन्य लोगों के बराबर है।

उन्होंने कहा कि मणिपुर में पहाड़ी और घाटी को अलग अलग करके समझने की जरुरत है तभी राज्य की समस्या का समाधान हो पायेगा।

भाजपा के शशांक मणि ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राजकोषीय घाया भी कम होगा। भारत एक ऐसे विकास मॉडल प्रस्तुत कर रहा है जो पूरे विश्व के लिए स्मरणीय है। भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह विपक्ष के नेताओं को अपने आर्थिक चश्मे को हटाने की जरूरत है। विपक्ष ने देश के लोगों को दीनहीन समझने का काम किया है। भाजपा की सरकार ने आम आदमी के लिए काम किया है और आम आदमी में विश्वास पैदा किया है।

उन्होंने कहा कि अनुदानों की मांगों से यह साफ होता है कि हमारी सरकार पिछड़े और अति पिछड़ों के साथ खड़ी रहती है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का एक सामूहिक प्रयास चल रहा है।

जेडीयू के रामप्रीम मंडल ने कहा कि मणिपुर में जल्द से जल्द लोकतांत्रिक व्यवस्था करने का आग्रह करते हुए कहा कि मणिपुर राज्य के लिए जो बजट में प्रावधान किया गया है वह सराहनीय है। यह बजट मणिपुर में शांति बहाली के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सरकार को दो समुदायों को एक साथ बिठाकर समस्या का समाधान करने की आवश्यका है। इसके लिए सभी पक्षों से बात करने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश विकसित राष्ट्र बनने वाला है। देश की जनता को सरकार से काफी अपेक्षाएं है। उन्होंने कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग काफी समय से लंबित है इस पर सरकार को ध्यान देने की आवश्यकता है।

तेलुगु देशम पार्टी के कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि उनका संसदीय क्षेत्र बापतला क्षेत्र काफी पिछड़ा है। यहां साक्षरता भी सिर्फ 55 फीसदी है। उन्होंने कहा कि अपने जिले को आकांक्षी जिले में शामिल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जिस प्रकार नीतियां अपनाई है उससे विकसित भारत और विकसित आंध्र बनना अब दूर की बात नहीं है।

कांग्रेस के अमर सिंह ने कहा कि पिछले दो साल में मणिपुर में जो नुकसान हुआ है वह बहुत अधिक है जबकि बजट प्रावधान उसके हिसाब से कुछ भी नहीं है। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि इस बजट में सरकार की तरफ से एक पैसा नहीं डाला गया है। यह पैसा मणिपुर का ही है। उन्होंने सरकार पर असमानता बढ़ाने का आरोप लगाया और कहा कि देश में गरीब और गरीब हो रहा है जबकि अमीर की अमीरी बढ़ रही है। सरकार कहती है कि देश का आर्थिक विकास हो रहा है लेकिन दुनिया में प्रति व्यक्ति आय में भारत का नम्बर 141वां है। इस समय बड़ी संख्या में बच्चे रोजगार के लिए कतार में खड़े हैं और सरकार 80, 90 करोड़ लोगों को मुफ्त का राशन दे रही है तो फिर कैसे कह सकते हैं कि देश आर्थिक विकास कर रहा है। भाजपा सरकार में उसके नेता भाषण तो बहुत अच्छा करते हैं लेकिन उसकी आर्थिक नीति में मुल्क कहां जा रहा है, यह ज्यादा चिंता का विषय है। सरकार ने बड़े उद्योगपतियों को 10 हजार करोड़ रुपए की रियायत दी है लेकिन सवाल है कि इसमें कितने लोगों को रोजगार के अवसर इन कंपनियों में सरकार ने दिये हैं। सरकार को असमानता फैलाने वाली आर्थिक नीति से देश को मुक्त करना चाहिए और ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिसमें सबका हित हो और सबको समान अवसर मिल सके।उन्होंने कहा कि सरकार मनरेगा का बजट नहीं बढ़ा रही है। सरकार की नीतियों के कारण पंजाब के किसान की हालात बहुत खराब हो गई है। उन्हें एमएसपी नहीं दिया जा रहा है। जो बैरिकेटर लगाए गये हैं उसके कारण पंजाब से उद्योगपति भाग रहे हैं। उनका कहना है कि जब पंजाब में उनकी कंपनियों के लिए कच्चा माल नहीं मिल रहा है और माल की बाहर आपूर्ति नहीं की जा रही है तो वहां काम करने का क्या फायदा है, इसलिए केंद्र सरकार हरियाणा सरकार को बैरिकेटर हटाने के लिए कहे।

तृणमूल कांग्रेस की सयानी घोष ने कहा कि मिणपुर में हालात बहुत खराब हैं। वहां की स्थिति को लेकर मोदी सरकार चिंतित नजर नहीं आ रही है और वहां मौजूद समस्या के समाधान के लिए कोई कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने श्री मोदी के एक भाषण का हवाला दिया और कहा कि श्री मोदी ने मणिपुर के हालात के लिए भाजपा सरकार को नहीं बल्कि पूर्व की सरकार को जिम्मेदार बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि मणिपुर में महंगाई चरम पर पहुंच गई है। वहां लोगों का जीवन बहुत कठिन हो गया है और राहत शिविरों में गंदगी तथा अन्य कारणों से 80 से ज्यादा लोगों की मृत्यु हो चुकी है लेकिन केंद्र सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने सरकार पर मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया और कहा कि वहां बस्तियां जलती रही लेकिन केंद्र सरकार ने वहां हालात सामान्य करने के लिए कोई कदम नहीं उठाए हैं।

भाजपा के राजू बिस्टा ने कहा कि केंद्र सरकार से पश्चिम बंगाल को पर्याप्त पैसा मिल रहा है लेकिन राज्य सरकार इस पैसे का इस्तेमाल नहीं कर पा रही हैं और केंद्र से मिले पैसे जनता तक नहीं पहुंच रहे हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार पर भ्रष्टाचार करने का आरोप लगाया और कहा कि यह सरकार लगातार घोटाले कर रही है जिससे गांव के लोगों को केंद्र से दी जाने वाली सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने दार्जिलिंग का मामला उठाया और कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है और अगर यही चलता रहा तो वहां के लोग आंदोलन को मजबूर होंगे। उनका कहना था कि दार्जिलिंग में हर घर नल से जल योजना में बडा भ्रष्ट्राचार हुआ है और जिन लोगों ने यह भ्रष्टाचार किया है उन्हें सजा मिलनी चाहिए।

इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग-आईयूएमएल के डॉ. एम पी अब्दुस्समद समदानी ने कहा,“ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर कहा कि इसने हमारी असलियत को सामने ला दिया है।” उन्होंने आशा वर्कर्स का मुद्दा उठाया और कहा कि उन्हें सामाजिक सुरक्षा दी जानी चाहिए। उन्हें सरकारी कर्मचारी की श्रेणी में नहीं रखा गया है इसलिए उन्हें ग्रेचुएटी तथा अन्य सुविधाएं मिलनी चाहिए। माकपा के एस वेंकटेशन ने भी चर्चा में हिस्सा लिया।

कांग्रेस के अंगोमचा बिमोल अकाई जोंग ने कहा कि इस बजट को मणिपुर विधानसभा में होना चाहिए था। यह बजट इस लिए यहां आया है क्योंकि इसमें कई चीज़ों को अलग रखा गया है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी के मणिपुर की यात्रा नहीं करने की आलोचना की। इस बजट में 39 प्रतिशत पूंजीगत व्यय के लिए रखे जाने काे अपर्याप्त बताया। मणिपुर में 21 माह के संकट का कोई असर इस बजट में नहीं दिखता है। मणिपुर के लोग भारत के साथ अपने संबंधों पर सवाल पूछने लगे हैं। वे पूछते हैं कि क्या राज्यपाल भारत के राजदूत हैं। यदि कोई गलती हुई है तो उसे स्वीकार कीजिये। ये कांग्रेस या भाजपा का सवाल नहीं है।

भाजपा के डॉ. भोला सिंह ने कहा कि बीते दस साल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बहुआयामी कार्यों से 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। चार करोड़ से अधिक आवास दिये गये हैं। आगामी वर्षों में तीन करोड़ और आवास बनेंगे। डॉ. भोला सिंह ने बीते दशक में हुए विकास कार्यों की सराहना की।

राष्ट्रीय जनता दल के अभय कुमार सिन्हा ने भी प्रधानमंत्री के मणिपुर नहीं जाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि बिहार में डबल इंजन की सरकार भी जुमला देने में लगी है और सपना दिखा रही है। 358 विश्वविद्यालय खोलने की बात कही है लेकिन शिक्षक की भर्ती नहीं कर रहे हैं और कई मौजूदा महाविद्यालयों को अन्य महाविद्यालयों में समाहित कर रहे हैं। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विशेष दर्जा दिलाने की चुनौती दी और कहा कि अगले चुनाव में लोग सवाल पूछेंगे और जुमले वाली सरकार को हटा कर काम करने वाली सरकार चुनेंगेे।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के डॉ. एम गुरुमूर्ति ने पोलावरम परियोजना में बांध में जलभराव की ऊंचाई घटाने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने केन्द्र सरकार से मांग की बांध में जलभराव की पूर्व में स्वीकृत ऊंचाई को बहाल करे। उन्होंने इस परियोजना के क्रियान्वयन को तेजी से करने की मांग की। उन्होंने आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम में तिरुपति क्षेत्र में स्वीकृत परियोजनाओं के क्रियान्वयन अब तक नहीं किये जाने का मुद्दा उठाया और राज्य के लोगों से धोखा बताया।

माकपा (माले) राजा राम सिंह ने कहा कि मणिपुर में जो बजट दिया है। इसका इस्तेमाल भाईचारा, शांति को बढ़ाने में हो। जातीय संघर्ष को बढ़ाने की रणनीति ठीक नहीं है। ये देश हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि बटाईदार किसानों पर ध्यान दिया जाए। सरकार चालाकी नहीं करे। कृषि योग्य भूमि को बचाइये। बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिया। क्या बाढ़ सुखाड़ के लिए कोई योगदान नहीं दिया। बिहार में कृषि क्षेत्र को औद्योगिक क्षेत्र से जोड़ने वाली रेललाइन ठंडे बस्ते में पड़ी है। उन्होंने कहा कि विकास की रणनीति पर्यावरण एवं पारिस्थिकी को बिगाड़ने वाली नहीं हो।

निर्दलीय राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कहा कि हमारा देश संवैधानिक आतंक से जूझ रहा है। शेयर बाजार में 91 लाख करोड़ रुपए और सार्वजनिक उपक्रमों में 25 लाख करोड़ रुपए डूब गये। हमारे नेता यूक्रेन जाते हैं। दो साल से मणिपुर में दोनों समुदायों पर गोली चल रही है। सीमापार से ड्रग्स की आपूर्ति की जा रही है। अपनी ही सरकार को अपदस्थ करके पुलिस द्वारा गोली चलवाने पर, हजारों लोगों के सामने महिला को नंगा करके बलात्कार करने पर भी देश चुप रहा है। सरकार के पास बटाईदारों और रेहड़ी पटरी वालाें के लिए कुछ नहीं किया गया है। किसानों को खाद नहीं मिल रही है और जहां मिल रही है, उसकी काला बाजारी की जा रही है। सरकार चाहे विशेष राज्य का दर्जा ना दे लेकिन बंद पड़े कारखाने खोल दे।

भाजपा के राहुल सिंह लोधी ने कहा कि बुन्देलखंड का नाम लेने से सूखे की तस्वीर बनती थी। 2014 के बाद केन्द्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार बनी और 2047 के विकसित भारत के रोडमैप पर काम शुरू हुआ तो बुन्देलखंड की तस्वीर भी बदली। श्री मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मशती के मौके पर 44 हजार करोड़ रुपए से केन बेतवा नदी जोड़ो योजना का शिलान्यास किया। उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के लाखों लोगों को पेयजल एवं खेतों में पानी मिलेगा।

वीसीके के थोल तिरुमावलम ने भी चर्चा में भाग लिया।

एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि सरकार ने अल्पसंख्यक छात्रों के छात्रवृति में कटौती कर दी है जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका को सबसे अधिक कृषि उत्पादों का निर्यात करता है लेकिन जिस प्रकार अमेरिका ने टैरिफ बढाने की बात की है उससे यहां के लोगों को नुकसान होगा। सरकार को इस मामले में गंभीरता दिखानी चाहिए।

उन्होने कहा कि मणिपुर सबसे गरीब राज्य है और वहां हालात ठीक नहीं है फिर भी वहां के बजट में कटौती कर दी गई है। इससे किस प्रकार मणिपुर का विकास होगा।

शिवसेना के अरविंद सावंत ने कहा कि रासायन एवं उर्वरक का बजट बढाना स्वागतयोग्य कदम है लेकिन वातावरण में जो बदलाव आ रहा है उसके लिए देखना होगा रासायन उर्वरक से जमीन का क्या नुकसान हो रहा है। उन्होंने बीएसएनल और एमटीएनएल कर्ज तले डूबे हैं उसे उबारने की जरूरत है।

उन्होंने कहा कि मणिपुर में दो समुदायों के बीच दीवार खड़ी की जा रही है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस मामले में कुछ नहीं बोल रहे है।

रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के एन के प्रेमचंद्रण ने अनुदान की अनुपूरक मांगों को विरोध करते हुए कहा कि अनुदान की अनुपूरक की मांगों के साथ मणिपुर बजट पर चर्चा करना सही नहीं है दोनों अलग अलग विषय है इसलिए मणिपुर बजट पर अलग से चर्चा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि बजटीय प्रक्रिया की पूरी विफलता है इसलिए इतनी बड़ी रकम के लिए अनुपूरक की मांगे लाई गई है। इससे बजटीय प्रावधान की पवित्रता क्या रह जाती है।

भाजपा के संबित पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता है कि एक एक रुपया सशक्त भारत के निर्माण के लिए खर्च हो रहा है। हमारे राजकोष से एक रुपया निकलता है उसकी जवाबदेही और पार्दशिता रहती है लेकिन यूपीए के सरकार में ऐसा संभव नहीं था।

उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक लाख किलो सोना वापस आता है जबकि यूपीए की सरकार ने भारत मां के सोने को गिरवी रखने का काम किया था। उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष ने कहा कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी है लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ी नहीं बल्कि आपके विकास में गड़बड़ी है।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अमर काले ने कहा कि मणिपुर की परिस्थिति से हम लोग अवगत है। मणिपुर में दो साल से हिंसा चल रही है लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसकी कोई चिंता नहीं की।

समाजवादी पार्टी के आनंद भदौरिया ने कहा कि मणिपुर का बजट संसद में किन परिस्थियों में संसद में लाया जा रहा है उसे सब लोग परिचित है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त बजट की जो मांग की गई है उसकी प्राप्ति कहां से होगी यह नहीं बताया गया है। उन्होंने सांसद निधि बढाने की मांग की है।

राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के हनुमान बेनीवाल ने कहा कि अमृत योजना के माध्यम से शहरों के विकास की बात करती है लेकिन उनके संसदीय क्षेत्र में समुचित विकास नहीं हो रहा है। उनके संसदीय क्षेत्र सिंचाई के पानी की भी कमी है इसके लिए केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए। उन्होंने एमएसपी गारंटी कानून बनाने की मांग की है।

आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर ने कहा कि मणिपुर की घटना से देश की छवि दुनिया में खराब हुई है। सरकार को समझना होगा कि अगर किसान मजबूत होगा तभी देश मजबूत होगा। नगीने लोकसभा क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय बनाने की मांग की है।

Next Post

लोकसभा में आप्रवास और विदेशियों विषयक विधेयक- 2025 पुरस्थापित

Tue Mar 11 , 2025
नयी दिल्ली, 11 मार्च (वार्ता) लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के विरोध के बीच सरकार ने आप्रवास और विदेशियों विषयक विधेयक -2025 पुरस्थापित किया। विपक्षी इस विधेयक को संवेदनशील और विदेशियों के लिए बहुत कठोर वाला प्रावधान बताते हुए इसे विचार के लिए दोनों सदनों की […]

You May Like