अम्मान, 11 मार्च (वार्ता) जॉर्डन के विदेश मंत्रालय ने इजरायल के उस फैसले की कड़ी निंदा की है, जिसमें उसने गाजा को बिजली की आपूर्ति रोक दी है ताकि हमास पर बंधकों को रिहा करने का दबाव बनाया जा सके।
मंत्रालय के बयान के अनुसार, इजरायल का यह फैसला फिलिस्तीनियों के खिलाफ भुखमरी और नाकाबंदी की उसकी नीति का स्पष्ट रूप से पालन है। बयान के अनुसार, यह इजरायल और हमास के बीच संघर्ष विराम समझौते के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय कानून का भी स्पष्ट उल्लंघन करता है और गाजा में तनाव को फिर से भड़काने का जोखिम उठाता है।
मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वे इजरायल को युद्ध विराम समझौते का पालन करने के लिए मजबूर करें। इसके सभी प्रावधानों को लागू करें, गाजा में बिजली बहाल करें और मानवीय सहायता के लिए सीमा को फिर से खोलें ताकि लोगों की मदद की जा सके।
इजरायल के ऊर्जा मंत्री एली कोहेन ने एक वीडियो बयान में कहा कि उन्होंने गाजा को बिजली की आपूर्ति तुरंत रोकने के लिए एक आदेश पर हस्ताक्षर किए हैं। उन्होंने कहा कि इस उपाय का उद्देश्य हमास पर गाजा में अभी भी बंधकों को रिहा करने के लिए दबाव डालना है।
इजरायल के आंकड़ों के अनुसार, हमास ने हमारे कम से कम 59 लाेगों को बंधक बनाये थे जिनमें से लगभग 24 के जीवित होने का अनुमान है।श्री कोहेन ने कहा, “हम सभी बंधकों की वापसी सुनिश्चित करने के लिए सभी उपलब्ध साधनों का उपयोग करेंगे।”
गौरतलब है कि इजरायल ने दो मार्च से गाजा में खाद्य सामग्री सहित सहायता सामग्री की खेप रोक दी है। यह इजरायल-हमास युद्ध विराम के पहले 42-दिवसीय चरण की समाप्ति के बाद हुआ है।
