मेट्रोपोलिटियन प्लान की बैठक

में जनप्रतिनिधियों ने खड़े किए सवाल

 

नव भारत न्यूज

 

इंदौर। कलेक्टर सभागृह में आज मेट्रोपोलिटियन प्लान को लेकर बैठक बुलाई गई । बैठक में ज्यादातर जनप्रतिनिधियों का एक ही सवाल था कि प्लान को समझे बगैर कैसे सुझाव दे ? इसके लिए पहले समय दे, प्लान की जानकारी दे।  उसके बाद सुझाव देंगे।

कलेक्टर आशीष सिंह ने आज कलेक्टर सभागृह में मेट्रोपोलिटियन सिटी को जोडकर बनाए जा रहे प्लान को लेकर बैठक बुलाई थी। बैठक में सभी पांच जिलों के जनप्रतिनिधि , अधिकारी को बुलाया गया था।

बैठक की शुरुआत में टीएनसीपी के संयुक्त संचालक शुभाशीष बैनर्जी ने मेट्रोपोलिरियन प्लान की प्रस्तावना रखी। उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को बताया कि पांच जिलों के कौन कौन से इलाके और तहसील के गांव शामिल किए गए है।

इसमें बताया गया कि इंदौर का शतप्रतिशत हिस्सा, उज्जैन 45, धार  7 , देवास 29 और शाजापुर का  0.54 प्रतिशत क्षेत्र शामिल किया गया है। यह भी जानकारी दी गई कि किस जिले के कितने विभाग की अनापत्ति मिल चुकी है। उसमें इंदौर को छोड़कर बाकी चार जिलों के सभी विभाग की अनापत्ति आना बाकी है।

इसके बाद वीडियो कांफ्रेंसिंग माध्यम से कमिश्नर दीपकसिंह ने कहा कि अभी यह पहली बैठक है , जिसमें आपको मेट्रोपोलिटियन क्षेत्र शामिल करने के जानकारी दी जा रही है। अंतिम बैठक नही है और ना ही अंतिम निर्णय है।

 

 

कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि इंदौर मुख्य केंद्र और शतप्रतिशत प्लान में शामिल है , इसलिए यहां बैठक रखी है। आपके सुझाव और अन्य जानकारी के लिए बैठक बुलाई है। सांसद लालवानी के हॉलिस्टिक प्लान बनाने पर कहा कि हमने 20 हजार से ऊपर आबादी वाले गांव शामिल किए है। कुछ विधायक देरी से आए। उन्होंने पूछा कि अभी हमको प्लान की ठीक से जानकारी नही है। ऐसे में सुझाव कैसे दे सकते है ? इस बात पर कलेक्टर ने 7 दिन का समय देने पर सहमति दी।साथ ही कहा कि आप लोगों के सुझाव अगले शनिवार तक आईडीए सीईओ रामप्रकाश अहिरवार को दे दे या भिजवा देवे। उसके बाद आगे का निर्णय करेंगे।

 

 

संविधान की धारा 243  के तहत कार्य हो रहा है ?

 

इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बैठक में कहा कि संविधान की धारा 243 में महानगर का गठन तय किया गया है। क्या उस धारा में हम कार्य कर रहे है ? मेट्रोपोलिटियन प्लान में भी उक्त प्रक्रिया को फॉलो करना चाहिए।

 

 

इंडस्ट्रियल कांसेप्ट पर सांसद का सवाल

 

मेट्रोपोलिटियन प्लान को लेकर सांसद शकर लालवानी ने सवाल खड़े किए। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि इसमें सिर्फ इंडस्ट्री का ही ध्यान रखा गया है?  साथ सवाल किया कि इसमें सिर्फ प्रदेश सरकार तक ही प्लान क्यों है। केंद्र सरकार को नहीं जोड़ा। केंद्र को अगर प्लान में शामिल नहीं करेंगे तो  क्या सिर्फ प्रदेश सरकार सब कर लेगी ? केंद्र सरकार साथ कैसे देगी ?

लालवानी ने ओंकारेश्वर , महेश्वर और मांडव को भी प्लान  में शामिल करने का सुझाव दिया। इस पर कलेक्टर ने कहा कि यह मुश्किल है, इसमें कई सारी जमीन वन विभाग की आ रही है, जिसकी अनापत्ति मिलने में समस्या है। उज्जैन महाकाल को पर्यटन और धार्मिक दृष्टि से जोड़ा है । वैसे ओंकारेश्वर और महेश्वर भी धार्मिक स्थल है।

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