नयी दिल्ली, 07 मार्च (वार्ता) मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा के भारत में प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए भारत, अमेरिकी सरकार के साथ मिलकर काम कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को एक ब्रीफिंग में कहा, “आपने राणा के प्रत्यर्पण के बारे में राष्ट्रपति ट्रम्प की टिप्पणियों को सुना होगा। भारत-अमेरिका का संयुक्त वक्तव्य भी इसी भावना को दर्शाता है। हम भारत में उसके प्रत्यर्पण की अनुमति देने के लिए आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के लिए अमेरिकी सरकार के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।”
अमेरिका के राष्ट्रपति की टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब वहां की सुप्रीम कोर्ट ने पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक राणा की उस याचिका को खारिज कर दिया है। 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के आरोपी आतंकवादी राणा के भारत प्रत्यर्पण का अब रास्ता साफ हो गया है। राणा ने अपनी याचिका में भारत प्रत्यर्पण के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी। उसने दलील दी थी कि अगर उसे भारत प्रत्यर्पित कर दिया जाता है तो वहां उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा सकता है।
इससे पहले फरवरी में श्री ट्रम्प ने आतंकवादी राणा को भारत प्रत्यर्पित करने की घोषणा की थी और कहा था कि उसे न्याय का सामना करना पड़ेगा।
व्हाइट हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “आज मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मेरे प्रशासन ने वर्ष 2008 में 26/11 के भयावह मुंबई आतंकवादी हमलों से जुड़े साजिशकर्ताओं और दुनिया के सबसे खौफनाक लोगों में से एक को भारत में न्याय का सामना करने के लिए प्रत्यर्पित करने को मंजूरी दे दी है इसलिए, वह न्याय का सामना करने के लिए भारत वापस जा रहा है।”
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में राष्ट्रपति ट्रम्प को 2008 में मुंबई में हत्याएं करने वाले अपराधी राणा को भारत को सौंपने के फैसले के लिए धन्यवाद दिया था। श्री मोदी ने कहा, “अब भारतीय अदालतें उचित कार्रवाई करेंगी।” जनवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राणा को भारत प्रत्यर्पित करने को मंजूरी दे दी थी। राणा पाकिस्तानी अमेरिकी आतंकवादी डेविड हेडली का करीबी था, जिसने मुंबई में हमले के लिए जगहों की रेकी की थी। उस पर मुंबई हमलों में भूमिका के आरोप हैं, जिसमें 166 लोग मारे गए थे। वह फिलहाल लॉस एंजिल्स की जेल में बंद है।
