भोपाल, 06 मार्च (वार्ता) आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने धान उपार्जन घोटाले के संबंध में मध्यप्रदेश में आज 12 जिलों की 150 उपार्जन समितियों और 140 वेयरहॉउस पर छापे की कार्रवाई की।
ईओडब्ल्यू के महानिदेशक उपेंद्र जैन ने छापों की पुष्टि करते हुए कहा कि अब तक की कार्रवाई में 19,910.53 क्विंटल धान की हेराफेरी के सबूत मिले है। इस धान की कीमत लगभग 5 करोड़ रुपये है। सतना के एक वेयरहाउस में धान के स्थान पर 535 क्विंटल भूसी पाई गई।
ईओडब्ल्यू के अनुसार विभिन्न उपार्जन समितियों के 79 से अधिक पदाधिकारियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। प्रकोष्ठ की 25 टीमों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है एवं और भी कई समितियों में घोटाला पाए जाने की आशंका है।
ईओडब्ल्यू ने बताया कि प्रदेश में कई स्थानों पर धान उपार्जन में हेराफेरी की लगातार सूचनाएं प्राप्त हो रही थीं। कई धान उपार्जन समितियों द्वारा किसानों का फर्जी रजिस्ट्रेशन कर लिया जाता है तथा बिना धान लिए ही ई-उपार्जन पोर्टल पर उपार्जन की फर्जी प्रविष्टि कर दी जाती है। इसके उपरांत ट्रांसपोर्ट एवं वेयरहाउस का भी रिकॉर्ड तैयार कर लिया जाता है। समिति द्वारा प्रविष्ट की गई मात्रा के आधार पर भुगतान कर दिया जाता है। इस फर्जीवाड़े से हर साल शासन को करोड़ों रुपयों की आर्थिक क्षति पहुंचती है। इस फर्जीवाड़े में उपार्जन समिति के पदाधिकारियों के अलावा कुछ ट्रांसपोर्टर, वेयरहाउस तथा राइस मिलें भी शामिल हो सकती हैं।
ईओडब्ल्यू के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस कथित घोटाले संबंधी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश ईओडब्ल्यू को निर्देश दिए हैं। इसके बाद प्रकोष्ठ ने 25 टीम बनाकर प्रदेशव्यापी कार्रवाई की। बालाघाट, जबलपुर, डिंडोरी, रीवा, सतना, मैहर, सागर, पन्ना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, श्योपुर इत्यादि 12 जिलों की 150 उपार्जन समितियों और 140 वेयर हाउस को चेक किया गया। अभी तक की कार्रवाई में 19,910.53 क्विंटल धान की हेराफेरी पाई गई।
सतना जिले के कनक वेयर हाउस में 535 क्विंटल धान के स्थान पर भूसी पाई गई। वेयरहाउस में सेवा सहकारी समिति पिंडरा एवं सेवा सहकारी समिति हिरौंदी जिला सतना द्वारा धान का भण्डारण किया गया है। अभी और भी कई समितियों में घोटाला पाया जाना संभावित है। प्रकोष्ठ द्वारा ट्रांसपोटर्स, वेयरहाउसेस तथा राइसमिलों की भूमिका के संबंध में जांच की जा रही है।
प्रकोष्ठ के अनुसार कार्रवाई में प्रकोष्ठ के पुलिस अधीक्षक भोपाल अरुण मिश्रा, पुलिस अधीक्षक जबलपुर सुनील पाटीदार, पुलिस अधीक्षक सागर देवेन्द्र यादव, पुलिस अधीक्षक रीवा डॉ अरविन्द सिंह ठाकुर, पुलिस अधीक्षक ग्वालियर दिलीप सिंह तोमर और उनकी टीमों ने सराहनीय कार्य किया है।

