जबलपुर: आपराधिक मामले में जमानत के बाद सेवानिवृत्त थाना प्रभारी आपराधिक प्रकरण में न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे। सेवानिवृत्त थाना प्रभारी की गिरफ्तारी के लिए न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक को पत्र जारी किया था। इसके बावजूद भी पुलिस सेवा निवृत्त थाना प्रभारी को न्यायालय में पेश नहीं कर पाई। जेएमएफसी किशन देव सिंह ने सेवानिवृत्त थाना प्रभारी को फरार घोषित करते हुए उनके खिलाफ गैर मियादी वारंट जारी किया है।
गोहलपुर थाने में पदस्थ तत्कालीन थाना प्रभारी आर एन त्रिपाठी,एसआई अंतिम पवार तथा आरक्षक राजकुमार के खिलाफ संदीप उर्फ करिया सहित दो व्यक्ति ने न्यायालय में परिवाद दायर किया था। परिवाद में कहा था कि इन पुलिसकर्मियों ने लॉकअप में उनके साथ मारपीट की थी। न्यायालय ने परिवाद की सुनवाई करते हुए तीनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिये थे। प्रकरण दर्ज होने के बाद तीनों पुलिसकर्मियों को जमानत का लाभ न्यायालय से मिल गया था।
प्रकरण के सुनवाई के दौरान सेवानिवृत्त हुए तत्कालीन थाना प्रभारी आर एन त्रिपाठी न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे। न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक के माध्यम से उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। जिसकी तामील नहीं होने पर न्यायालय ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भी लिखा था। इसके बावजूद भी पुलिस विभाग उन्हें न्यायालय में पेष नहीं कर पाया। न्यायालय ने सेवानिवृत्त थाना प्रभारी को फरार घोषित करते हुए अन्य दोनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ विचारण जारी रखने के आदेश जारी किये है। न्यायालय ने प्रकरण में साक्षियों को अगली सुनवाई के दौरान पेश करने के आदेश पुलिस अधीक्षक को जारी किये है।
