हाईकोर्ट ने प्रदान किया चार माह का अतिरिक्त समय
जबलपुर: हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुरेश कुमार कैत तथा जस्टिस विवेक जैन की युगलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि सरकारी जमीन पर प्लॉटिंग किये जाने संबंधी शिकायत की जांच में याचिकाकर्ता को शामिल किया जाये। युगलपीठ ने जांच के लिए चार सप्ताह का अतिरिक्त समय प्रदान किया है।भोपाल निवासी याचिकाकर्ता हरिकिशन कुशवाहा की तरफ से दायर की गयी याचिका में राजस्व प्राधिकारी की निष्क्रियता को चुनौती दी गयी थी।
याचिका में कहा गया था कि ग्राम चोला, तहसील हुजूर भोपाल स्थित 0.084 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर निजी प्रतिवादियों द्वारा किये गये अतिक्रमण को हटाने कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। निजी प्रतिवादी उक्त भूमि के स्वामी नहीं हैं तथा सरकारी भूमि पर अवैध प्लाटिंग की गई है। याचिकाकर्ता द्वारा विभिन्न शिकायत किए जाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हाईकोर्ट ने याचिका का निराकरण करते हुए भूमि की जांच करने के आदेश जारी किये थे। जांच में भूमि शासकीय पाई जाती है तो तत्काल निर्माण में रोक लगाते हुए दो सप्ताह में अनधिकृत निर्माण को हटाया जाये। याचिकाकर्ता प्रतिवादियों द्वारा की गई कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होने पर याचिका को पुनर्जीवित करने के लिए आवेदन दायर कर सकता है।
हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश को वापस लेने के लिए निजी आवेदकों के द्वारा आवेदन पेश किया था। युगलपीठ ने आवेदन की सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को जांच में शामिल करने के आदेश जारी यथास्थिति बनाये रखने के आदेश जारी किये है। कोई भी पक्ष प्रतिवादियों की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है, तो वह उचित न्यायालय के समक्ष इसे चुनौती दे सकता है।
