खंडवा: खंडवा को रेल लाईन वाला चौराहा बनाने के लिए सर्वे इसी माह शुरू हो जाएगा। खंडवा-आलीराजपुर व्हाया खरगोन-बड़वानी रेलमार्ग कहां से गुजरेगा? इसकी तैयारी की जा रही है। कई आदिवासी क्षेत्रों से लाइन गुजरेगी। वहां के कई लोगों ने रेल भी नहीं देखी है। खंडवा को गुजरात से सीधा जोडऩे में 200 किमी का फेरा बच जाएगा।इसका अंतिम सर्वे पूर्ण हो जाने के बाद एस्टीमेट व बजट तैयार होगा। केंद्रीय मंत्रालय इसको स्वीकृति देगा। इस रेल मार्ग के लिए आंदोलनरत ताप्ती नर्मदा रेलवे लाइन समिति इसकी मांग लंबे समय से कर रही है। यह दल गत दिनों पश्चिम रेलवे के अधिकारियों से मिला। समिति के दामोदर अग्र्रवाल एवं इंजीनियर राधेश्याम पाटीदार ने बताया कि रेलमार्ग के सर्वे के लिए रेलवे द्वारा तीन रूट तय किए गए थे।
तीन हजार करोड़ लागत
बैठक में इन तीनोंरूट पर चर्चा की गई। कम दूरी, कम खर्च, कम वन क्षेत्र व कम पुल-पुलियाओं वाला एक रूट सर्वे के लिए फाइनलकिया गया है। इस रूट पर मार्च में सर्वे की शुरुआत होगी। सर्वे के पश्चात अप्रैल में इस प्रस्तावित रेलमार्ग की डीपीआर बनेगी।प्रस्तावित रेलमार्ग का फाइनल किया गया रूट करीब 221 किमी लंबा है। प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब तीन हजार करोड़ रुपए बताई जा रही है। समिति अध्यक्ष श्री अग्रवाल ने बताया कि साल 2024-25 के बजट में खंडवा-आलीराजपुर व्हाया खरगोन-बड़वानी रेल मार्ग के सर्वे के लिए केंद्रीय रेल मंत्रालय ने 6.25 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं। इस ओर पश्चिम रेलवे के अधिकारी तेजी से काम कर रहे हैं। गतदिनों हुई बैठक में सर्वे का रूट फाइनल किया है।
पीएम को बुलाने की योजना
संगठन के सदस्य सुनील जैन ने बताया कि अप्रैल में डीपीआर बनने के बाद बड़ी संख्या में समिति पदाधिकारी व सदस्य दिल्ली जाकर प्रोजेक्ट के भूमिपुजन के लिए प्रधानमंत्री, रेल मंत्री आदि से मुलाकात की योजना बना रहे हैं। सब कुछ ठीक रहा तो जून में उक्त रेलमार्ग का भूमिपूजन का आयोजन होगा। जो सर्वे रूट तय हुआ है, विगत दिन और रतलाम में आयोजित बैठक में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने इस सर्वे से जुड़े इंजीनियर श्री गुप्ता से मुलाकात की। उन्हें महाप्रबंधक के नाम पत्र देकर जानकारी चाहिए कि अंतिम सर्वे का कार्य कब तक पूर्ण होगा?
यहाँ से गुजरेगी लाईन
खंडवा से अलीराजपुर रेल मार्ग इस प्रकार रहेगा आलीराजपुर नानपुर,तालनपुर, कुक्षी, निसरपुर, बड़वानी, तलवाड़ा बुजुर्ग, राजपुर, वासवी,जुलवानिया, सेगांव, सतावड़, इच्छापुर,पिपरी, टेमला,टेमला, खरगोन, गवाड़ी, बेहरामपुर, सांईखेड़ी, भीकनगांव, सुंदरेल,नानखेड़ी, बरुड़ से खंडवा आउटर तक शामिल हैं। इस रेल मार्ग से गुजरात जाने के लिए 200 किमी दूरी कम होगी। इस रेल लाइन से खंडवा, खरगोन, बड़वानी का आदिवासी क्षेत्र सीधे बनारस, बड़ोदरा के मुख्य रेल मार्ग पर आ जाएगा। इससे रेलवे को गुजरात को जोडऩे के लिएभुसावल, नंदुरबार रेल रूट के विकल्प के रूप में शॉर्टकट नया रेल रूट मिलेगा। खंडवा से बड़ोदरा की दूरी करीब 200 किमी कम हो जाएगी
