श्योपुर: कूनो नेशनल पार्क में भारतीय चीतों के शावक अब पूरी तरह से आत्मनिर्भर हो गए हैं। सिर्फ 14 महीने की उम्र में ही आशा के तीनों नर शावक अपनी मां से अलग होकर शिकार करने में सक्षम हो गए हैं। सीसीएफ उत्तम कुमार शर्मा के अनुसार ये चीते जंगल में स्वतंत्र रूप से शिकार कर रहे हैं।
डीएफओ आर थिरुकुराल ने बताया कि आशा के तीनों नर शावक अब स्वतंत्र रूप से शिकार करने में सक्षम हैं। मैदानी कर्मचारियों के अनुसार ये शावक अधिकतर समय अपनी मां से दूर रहते हैं।कूनो में वर्तमान में कुल 12 चीते हैं। ये सभी पार्क के विभिन्न क्षेत्रों में अपना प्रभाव स्थापित कर रहे हैं।
