भोपाल, 02 मार्च (वार्ता) मध्यप्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल “भीख मांगने की आदत” संबंधी बयान के चलते विवादों में आने के साथ ही विपक्षी दल कांग्रेस के निशाने पर आ गए हैं। वे सोशल मीडिया पर भी काफी “ट्रोल” हो रहे हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंत्री पटेल के भिखारी संबंधी बयान की खबर को सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है, “प्रदेशवासियों, भाजपा का अहंकार अब जनता को भिखारी भी कह रहा है। यह दुख में डूबे लोगों की उम्मीद और आंसुओं का भी अपमान है। ये चुनाव में झूठे वादे करते हैं और फिर मुकर जाते हैं। जनता जब इन्हें वादों की याद दिलाती है, तो उसे भिखारी कहने से भी नहीं चूकते। अच्छी तरह से याद रखना, भाजपा के ऐसे कई चेहरे कुछ समय बाद, फिर आपकी चौखट पर वोटों की भीख मांगने आएंगे।”
मंत्री पटेल ने राजगढ़ जिले के सुठालिया में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जनता के मांग पत्रों को “भीख” बताया है। वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा के अनावरण कार्यक्रम में एक दिन पहले शामिल हुए मंत्री पटेल ने कहा कि “अब तो सरकार से भीख मांगने की आदत लोगों को पड़ गयी है। नेता आते हैं, एक टोकना तो कागज मिलते हैं उनको। मंच पर माला पहनाएंगे और एक पत्र पकड़ा देंगे। यह अच्छी आदत नहीं है। लेने के बजाए देने का मानस बनाएं। मैं दावे से कहता हूं आप सुखी होंगे और एक संस्कारवान समाज को खड़ा करेंगे। यह भिखारी की फौज इकट्ठी करना, यह समाज को मजबूत करना नहीं है। समाज को कमजोर करना है। मुफ्त की चीजों के प्रति जितना आकर्षण रखते हैं, यह वीरांगनाओं का सम्मान नहीं है।”
श्री पटेल का बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है और ‘सोशल मीडिया यूजर’ इस पर तरह तरह की टिप्पणियां करते हुए मंत्री को आइना दिखा रहे हैं।
विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने भी मंत्री पटेल को निशाने पर लेते हुए कहा, “आम जनता का काम करना सरकार और उनके मंत्रियों का फर्ज है। प्रहलाद पटेल जी वरिष्ठ मंत्री हैं, ऐसे में उन्हें और सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या प्रदेश की जनता को भिखारी कहा जा रहा है।”
प्रदेश कांग्रेस के अन्य नेताओं ने भी श्री पटेल की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रियाएं व्यक्त की हैं।
