मुंबई (वार्ता) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने नियामक निर्देशों का उल्लंघन करने के आरोप में आज निजी क्षेत्र की वित्तीय सेवा प्रदाता कंपनी आईआईएफएल समस्ता फाइनेंस लिमिटेड पर 33.10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।
आरबीआई ने शुक्रवार को बताया कि उसने 31 मार्च 2023 तक कंपनी की वित्तीय स्थिति का निरीक्षण किया था, जिसमें नियामक अनुपालन में कमियां पाई गईं। इसके बाद कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जांच के दौरान यह पाया गया कि कंपनी ने आरबीआई के ‘निष्पक्ष आचरण संहिता’ संबंधी निर्देशों का उल्लंघन करते हुए कुछ उधारकर्ताओं से ऋण वितरण या चेक जारी करने की तिथि से पहले की अवधि के लिए ब्याज वसूला।
इसके अलावा कंपनी 90 दिनों या उससे अधिक समय से बकाया राशि वाले कुछ ऋण खातों को गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों (एनपीए) के रूप में वर्गीकृत करने में विफल रही। साथ ही कुछ ऋण खातों को, जो वास्तव में एनपीए थे, बिना ब्याज और मूल राशि की संपूर्ण वसूली किए ‘मानक संपत्ति’ के रूप में वर्गीकृत कर दिया गया। कंपनी ने प्रत्येक ग्राहक को विशिष्ट ग्राहक पहचान कोड (यूसीआईसी) देने के बजाय कुछ ग्राहकों को कई कोड आवंटित किए।
आरबीआई ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल विनियामक अनुपालन की कमियों पर आधारित है। इससे कंपनी एवं उसके ग्राहकों के बीच हुए किसी भी लेनदेन या समझौते की वैधता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
