
नींद खुली ही थी कि अधिकारी पहुंच गए घर पर
निगम के राजस्व अधिकारी के तीन जगह स्थित आवासों पर रेड
नव भारत न्यूज
इंदौर. आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ ईओडब्ल्यू की टीम ने शुक्रवार सुबह नगर निगम के राजस्व अधिकारी राजेश परमार के घर और कार्यालय पर छापा मारा. अब तक की जांच में एक बंगला, चार फ्लैट और दो प्लॉट के दस्तावेज मिले हैं. ईओडब्ल्यू की दो टीमों ने राजेश परमार के बिजलपुर स्थित आवास और श्रीजी वैली, बिचौली मर्दाना क्षेत्र में छापेमारी की. टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से कार्रवाई को अंजाम दिया. जब अधिकारी राजेश परमार के ऑफिस पहुंचे तो वह बंद मिला.
ईओडब्ल्यू की डीएसपी मधुर रीना गौड़ ने बताया कि आय से अधिक संपत्ति की शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की जा रही है. राजेश परमार ने नगर निगम में बेलदार (मजदूर) के रूप में करियर शुरू किया था. प्रमोशन पाकर वह सहायक राजस्व अधिकारी बन गया. जांच में सामने आया कि उसने अपने और परिवार के नाम पर कई प्रॉपर्टी खरीदी. नगर निगम के वार्ड 39 की कांग्रेस पार्षद रुबिना खान ने 20 अक्टूबर 2024 को राजेश परमार के खिलाफ भ्रष्ट््राचार की शिकायत दर्ज करवाई थी. उनका आरोप था कि बेटरमेंट शुल्क में गड़बड़ी कर राजेश ने कई करोड़ों का भ्रष्ट्राचार किया. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि राजेश परमार बिना अनुमति विदेश यात्रा पर गया था. इस मामले में महापौर, आयुक्त और राजस्व समिति प्रभारी को भी शिकायत सौंपी गई थी.
जांच जारी, और खुलासे संभव
शुक्रवार की सुबह से चली कार्रवाई में ईओडब्ल्यू की टीम को जो दस्तावेज मिले है उनमें एक आलीशान बंगला, चार फ्लैट और दो प्लॉट के दस्तावेज, बैंक खातों और निवेश संबंधी दस्तावेज. फिलहाल टीम जांच कर रही है और संपत्ति की सटीक कीमत का आकलन किया जा रहा है, जो करोड़ों में होने की संभावना है.
