
ग्वालियर। होली का पर्व 40 दिन पूर्व बसंत पंचमी से शुरू हो जाता है। होली का हुडदंग होलिका अष्टक लगने यानी डांडा़ गाड़ने के साथ शुरू हो जाता है इस वर्ष होलिकाष्टक सात मार्च से शुरू होंगे और इसी दिन होली का डांडा़ गाड़ने के साथ शुभ कार्यों पर प्रतिबंध लग जाएगा। ज्योतिष आचार्य घनश्याम शास्त्री के अनुसार होलिकाअष्टक से सभी ग्रह उग्र हो जाते हैं और अनुकूल फल प्रदान नहीं करते हैं । सुप्रसिद्ध भागवताचार्य पंडित शास्त्री ने बताया कि होलिका अष्टक में कोई भी मांगलिक कार्य जैसे शादी विवाह, मुंडन, नामकरण, गृह प्रवेश आदि कार्य करना वर्जित है।
