रायपुर 27 फरवरी (वार्ता) छत्तीसगढ़ विधानसभा में बजट सत्र के तीसरे दिन सदन में प्रश्नकाल के दौरान जल जीवन मिशन का मुद्दा गरमाया। कुरुद से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत ऐसे गांवों की जानकारी मांगी, जहां जल स्रोत नहीं होने के बावजूद टंकी और पाइप लाइन बिछा दी गई।
प्रश्न का जवाब देते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने बताया कि 653 स्थानों पर जहां जल स्रोत नहीं है और वहां टंकी और पाइप लाइन बन गई। उन्होंने कहा कि जब योजना का डीपीसी की गई थी, तो उस दौरान प्रत्येक गांवों में जल स्रोत की व्यवस्था थी, लेकिन योजना की शुरुआत होने में देरी की वजह से ये दिक्कत आई है। उन्होंने यह भी बताया कि ये योजना 2019 की थी, लेकिन जल स्रोत का काम 2023 में शुरु हुआ, इसकी वजह से ज्यादा दिक्कत आई।
भाजपा विधायक ने सवाल पूछा कि वैसे अधिकारी जिन्होंने बिना जल स्रोत के ही पाइप लाइन बिछवा दी और टंकी बनवा दी, उसके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है। जवाब में उप मुख्यमंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि इस मामले में किसी भी ठेकेदार का 70 फीसदी से ज्यादा भुगतान नहीं होगा। जब तक योजना पूर्ण नहीं हो जाती, किसी भी ठेकेदार का भुगतान नहीं होगा। साथ ही साथ वैसे अधिकारी, जिन्होंने बिना जल स्रोत के ही टंकी बनाई और पाइप लाइन बिछवाई, उन सभी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सदन में उप मुख्यमंत्री ने बताया कि 5291 गांवों में नल कनेक्शन का काम पूर्ण हो गया है। श्री साव ने सदन में बताया कि इस बार बजट में केंद्र सरकार ने योजना को 2028 तक विस्तारित किया है। तय समय के अंदर योजना का क्रियान्वयन राज्य में पूरा कर लिया जायेगा।
