भोपाल, 25 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में चल रहे वैश्विक निवेशक सम्मेलन (जीआईएस) के पहले दिन लगभग 22 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त होने के बाद आज दूसरे दिन भी मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की निवेशकों से चर्चा और विभिन्न सत्रों को संबोधित करने का सिलसिला चल रहा है।
इसी क्रम में डॉ यादव ने आज डोनियर इंडस्ट्रीज लिमिटेड के एमडी राजेंद्र अग्रवाल से प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विस्तार को लेकर वन-टू-वन चर्चा की। उन्होंने केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय की सचिव श्रीमती नीलम शमी राव से मुलाकात कर इस क्षेत्र में रोजगार सृजन के संबंध में भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने सप्लायमैटिक (शीबा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड) के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की।
इसके साथ ही डॉ यादव ने पर्यटन क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं को लेकर आयोजित विशेष सत्र को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश में पर्यटन की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत भी उपस्थित रहे।
इस दौरान डॉ यादव ने कहा कि इंदौर को मुंबई और दिल्ली की तरह विकसित किया जाएगा, वही प्रदेश के अन्य शहरों को इंदौर की तरह विकसित करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने एविएशन नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। विमान सेवाओं को प्रोत्साहित करने के लिए, यदि कोई फ्लाइट नियमित रूप से संचालित होती है, तो प्रति फ्लाइट प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। जबलपुर, सिंगरौली और रीवा से भी नियमित फ्लाइट सेवाएं संचालित हो रही हैं। एयर एंबुलेंस की सुविधा आयुष्मान कार्ड के माध्यम से नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश, देश का एकमात्र राज्य है, जहां चीते हैं। इसके साथ ही तेंदुओं, घड़ियालों और गिद्धों की संख्या भी प्रदेश में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश में 8वां टाइगर रिजर्व प्रख्यात पुरातत्वविद् विष्णु वाकणकर जी के नाम पर स्थापित किया गया है। आगामी 10 मार्च को प्रदेश के 9वें टाइगर रिजर्व, माधव टाइगर रिजर्व का लोकार्पण होने जा रहा है।
जीआईएस के दूसरे दिन आज इसके समापन सत्र में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शामिल होने वाले हैं।
इसी बीच केंद्रीय कृष मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी आज जीआईएस में पहुंचे और वहां सत्र को संबोधित किया। उन्होंने खाद्य प्रसंस्करण के संबंध में निवेशकों से चर्चा करते हुए मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं की उन्हें जानकारी दी।
श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश अनंत संभावनाओं का प्रदेश है। मध्यप्रदेश जल संपदा, वन संपदा और खनिज संपदा से भरपूर है। मध्यप्रदेश का बासमती चावल तो अमेरिका और कनाडा में धूम मचा रहा है।
साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के किसानों और स्वदेशी इंडस्ट्रीज के लिए जिस तरह की आयात निर्यात की नीति की जरूरत होगी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार बनाएगी।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार जीआईएस-25 के पहले दिन 22 लाख 50 हजार 657 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले सहमति पत्रों पर भी हस्ताक्षर हुए। समिट के पहले दिन प्राप्त इन निवेश प्रस्ताव से 13 लाख 43 हजार 468 रोजगार सृजन होगा। जिन विभागों में निवेश के प्रस्ताव और एमओयू हुए, उनमें नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग, खनिज एवं संसाधन विभाग, शहरी विकास और आवास, ऊर्जा, लोक निर्माण विभाग, पर्यटन, विज्ञान एवं प्राैद्योगिकी, एमएसएमई, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, उच्च शिक्षा, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, चिकित्सा शिक्षा विभाग शामिल है।
