किसानों के खेतों में पावर प्लांट की राखड़ डालने पर कोर्ट सख्त

कलेक्टर से तीन दिन में हलफनामे में मांगा जवाब

 

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट ने किसानों के खेतों में पावर प्लांट की राखड़ डालने के मामले को गंभीरता से लिया है। जस्टिस विवेक अग्रवाल की एकलपीठ ने झाबुआ पावर लिमिटेड, मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, कलेक्टर सिवनी पुलिस अधीक्षक और नायब तहसीलदार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सिवनी कलेक्टर को इस मामले में तीन दिन में शपथ पत्र पर जवाब पेश करने के निर्देश न्यायालय ने दिये है।

सिवनी निवासी रामगोपाल अर्जुले की ओर से अधिवक्ता विशाल बघेल ने बताया कि जिले के घंसौर ब्लॉक के रजगढ़ी गांव में झाबुआ पॉवर लिमिटेड के बरेला स्थित प्लांट से निकलने वाली फ्लाई एश (राखड़) अवैध रूप से बगैर किसी अनुमति के उसके खेतों में डाली जा रही है। सैकड़ों ट्रक राखड़ डालने से उसके खेत की उर्वरक क्षमता समाप्त हो जाती है। पिछले साल भी उसके खेतों में जबरदस्ती फ्लाई एश डाली गई थी। याचिकाकर्ता ने इस बात की शिकायत तहसीलदार, कलेक्टर और एसपी से की, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं होने पर याचिका दायर की गई। सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने पर अधिकारियों द्वारा धमकी दी गई कि यदि प्लांट के खिलाफ की गई शिकायत वापस नहीं ली तो उसे कोटवार के पद से बर्खास्त कर दिया जायेगा। सुनवाई पश्चात् न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।

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