जबलपुर:शहर में पांच गिरोह सक्रिय है जो बेखौफ होकर चोरी, लूट की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। जिसके चलते शहर में चोरी और लूट की वारदातों का ग्राफ भी बढ़ रहा है। ये गिरोह इतने शातिर होते है कि वारदात को अंजाम देेने के बाद फरार हो जाते है और पुलिस हवा में लट्ठ घुमाती रहती हैं, पुलिस हाथ कोई अहम सुराग हाथ नहीं लग पाता हैं और अधिकांश मामलों में पुलिस के हाथ खाली रहते है। सूत्रों की माने तो शहर में अंतरराज्यीय गैंग के साथ कंजड़, पारधी गिरोह और स्थानीय गिरोह, डेरा वाले सक्रिय है।
कौन सा गिरोह कैसे कर रहा वारदातें
सूत्रों की माने तो स्थानीय गिरोह सूने घरों के ताले तोडकऱ वारदातें कर रहा है इसके साथ लूट भी कर रहा है। इसके अलावा घर में घुसकर भी डरा धमकाकर इसके साथ ही हमला करने के बाद गिरोह लूटपाट करता है। डेरा वाले शहर के अनेक स्थानों में डेरा डाल देता है इसके बाद इनकी टोली सामान चोरी कर रफूचक्कर हो जाती है। अंतरराज्यीय गैंग रेल पटरियों के पास रहे वालों को निशाना बनाकर रैकी करता है इसके बाद वारदात को अंजाम देकर ट्रेन से भाग जाता है। कंजड़ गिरोह परिवार के सदस्यों के साथ घूमता है जिसमेंं महिलाएं भी शामिल होती है। ये गिरोह राह चलते लोगों के मोबाइल पार करता है। पारधी गिरोह रैकी के बाद वारदात करता है।
गश्त ध्वस्त, सर्चिंग नहीं
पुलिस गश्त पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों की रातें सडक़ोंं की जगह थानों में गुजर रही है। कभी कभार पुलिस का पहरा जरूर चौराहों पर दिख जाता हैं लेकिन गलियों से पुलिस गायब है। होटल, ढाबों, मुसाफिरखानों और धर्मशालाओं की जांच सिर्फ वीवीआईपी मूवमेंट या 15 अगस्त, 26 जनवरी के समय होती है।
इनकी नहीं होती है जानकारी
देर रात घूमने वाले संदिग्धों से पुलिस कोई पूछताछ नहीं करती है। शहर के अनेक मकानों में किराएदार होते है जिनमें से अधिकांश की पुलिस के पास कोई जानकारी नहीं होती है
