
परिजनों ने कलेक्टर और डीईओ से की शिकायत
नवभारत न्यूज
सतना . वार्षिक परीक्षा दे रहे कक्षा 6 के छात्रा को बुरी तरह अपमानित करते हुए हाथ पकड़ कर महज इसलिए बाहर निकाल दिया गया कि उसके द्वारा फीस नहीं जमा की गई थी. घटना से उद्वेलित पिता द्वारा जिला कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायती आवेदन भेजते हुए न्याय की गुहार लगाई गई है.
शहर के वार्ड क्र. 10 शुक्ला बरदाडीह के निवासी उपेंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि उनका बेटा न्यू सिविल लाइन बीएसएनएल के पीछे वैशाली इनक्लेव में स्थित चाणक्य पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 6 का विद्याथी है. पुत्र की वार्षिक परीक्षाएं गुरुवार से प्रारंभ हुई हैं. जिसके चलते उनका पुत्र परीक्षा देने के लिए सुबह 9 बजे परीक्षा हाल में बैठा हुआ था. लेकिन इससे पहले कि परीक्षा शुरु होती विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती आरती गौतम वहां पहुंच गईं. प्राचार्य ने न सिर्फ उनके पुत्र बल्कि पूरे परिवार के प्रति काफी अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए कहा कि जब फीस जमा नहीं कर सकते तो परीचा देने का अधिकार नहीं मिलेगा. यह कहते हुए प्राचार्य ने बालक का हाथ पकडक़र परीक्षा हाल से बाहर निकाल दिया. इस घटना के चलते बालक की मानसिक स्थिति पर काफी विपरीत असर पड़ा और वह डिप्रेशन में चला गया है. प्राचार्य का यह कृत्य न सिर्फ निंदनीय है बल्कि आपराधिक श्रेणी का भी है. यदि इस कृत्य के लिए प्राचार्य को दण्डित नहीं किया गया तो उनके पुत्र के साथ-साथ कई अन्य बच्चों के जीवन के साथ भी खिलवाड़ किया जाएगा. जिसे रोका जाना आवश्यक है. जिसे देखते हुए कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी को आवेदन भेजकर पुत्र के साथ किए गए कृत्य और परीक्षा से वंचित किए जाने के संबंध में शिकायत दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है. इसी कड़ी में पुत्र को परीक्षा में सम्मिलित करवाए जाने की मांग भी की गई है.
