मुरैना 20 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश के ग्वालियर के सीपी काॅलोनी का बहुचर्चित बालक शिवाय गुप्ता अपहरण कांड में पुलिस ने आज दो आरोपियों मोनू गुर्जर और भूरा गुर्जर को गिरफ्तार कर एक और नया खुलासा किया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार अभी तक इस अपहरण कांड से जुड़े चार आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आए हैं, जबकि तीन नामदज और आरोपियों की पुलिस सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार आज पकड़े गए दोनों आरोपी माता बसईया थाना क्षेत्र के ग्राम जिगनी के रहने वाले हैं और पीड़ित परिवार से उनके पारिवारिक संबंध हैं। पारिवारिक संबंध होने के कारण जब भी पीड़ित परिवार पर कोई संकट आया तो उसने इन्हीं आरोपियों से मदद मांगी थी।
पुलिस के अनुसार आरोपी मोनू गुर्जर और भूरा गुर्जर पर डेढ़ करोड़ से अधिक का कर्जा था, इसीलिए इन दोनों ने अपना कर्जा चुकाने के लिए बालक शिवाय गुप्ता के अपहरण करने की साजिश रची थी। आरोपियों का अनुमान था कि अपहरण के बाद पीड़ित परिवार उन्हीं से मदद मांगेगा और वे बिचौलिया बनकर एक करोड़ की फिरौती लेकर बालक को सुरक्षित रिहा कर देंगे। लेकिन 13 फरवरी को अपहरण की घटना के बाद भूरा ग्वालियर सीपी कालोनी पहुंचा, तो उसने पुलिस की अधिक सक्रियता देखी तो वह घबड़ा गया कि अब हमारे पकड़े जाने से राज खुल जाएगा और वह तत्काल मुरैना आया और अपहरण कर्ताओं से बालक को तुरंत छोड़ने को कह दिया।
अपहरण की घटना के चौदह घंटे बाद ही शिवाय को माता बसईया थाना क्षेत्र में रिहा कर दिया। आरोपियों का मानना था कि बालक के मिल जाने के बाद पुलिस उनका पीछा नहीं करेगी और हम पर कोई शक भी नहीं करेगा। लेकिन पुलिस आरोपियों की तलाश में मुरैना जिले के एक दर्जन से अधिक गांवों में निरंतर पीछा करती रही और दूसरे दिन हीं दो आरोपियों को पुलिस ने शॉट एनकाउंटर कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस को पूछताछ में आरोपियों ने अपहरण में शामिल सात लोगों के शामिल होने की जानकारी दी और दो आरोपियों को आज गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीन अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।
