खंडवा की ” किस्मत” फिर फूटी,दो सौ करोड़ का हिसाब दो

 

नवभारत न्यूज

खंडवा। चारखेड़ा से खंडवा तक डली नर्मदा की पाइपलाइन फिर फूट गई। शहर से 24 किलोमीटर दूर खेड़ी के पास मुख्य मार्ग के किनारे दस मीटर से ऊंचा फव्वारा फूट पड़ा। निगम और कंपनी का अमला मौके पर दौड़ पड़ा। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। लोग भी इसके अभ्यस्थ हो गए हैं। दो सौ करोड़ की लाइन धानी-फुटाने की तरह जरा सा दबाव पड़ते ही जवाव दे देती है। अब तीन दिन कई क्षेत्रों में जल आपूर्ति की छुट्टी हो गई है।

गर्मी का सीजन आने वाला है। लोगों के लिए पानी की खपत दो गुनी होने वाली है। इससे पहले ही जरा से दबाव में लाइन संभल नहीं पाती। यह लाइन बार बार फूटने का रिकार्ड बना चुकी है। पटरी के पार वाले कलेक्ट्रेट तरफ के क्षेत्रों में पानी का संकट लोगों को झेलना पड़ेगा।

कृत्रिम फाउंटेन का नजारा

खेड़ी गांव में तो कुछ लोगों को दस मीटर ऊंचे फव्वारे में नहाने का आनंद लेते देखा गया। लोग गाडिय़ां फव्वारे में खड़ी करके आटोमेटिक वाश करते रहे। मुश्किल से पानी का रिसाव रोका गया है। सडक़ के दोनों ओर से गुजरने वाले राहगीर भीगते हुए निकले। खंडवा जिला मुख्यालय को पेयजल आपूर्ति करने वाली नर्मदा पाइप लाइन अब बार-बार फूटने के रिकॉर्ड बना चुकी है। बावजूद इसके जिला प्रशासन इस पर कोई पुख्ता कार्य नहीं कर पा रहा है, जिससे इस समस्या का निदान जल्द से जल्द हो पाए।

तीन दिन ऐसे लगेंगे

इस लाइन को ठीक करने के लिए अब सबसे पहले फूटी हुई पाइपलाइन का पूरा पानी खाली करना होगा। जिसके बाद पहले तो इस लाइन को दुरुस्त किया जाएगा। उसके बाद एक बार फिर से इस पाइपलाइन को पानी से वापस भरना होगा। इसमें कई घंटे लगेंगे। फिर पाइपलाइन के जरिए होता हुआ पानी पंप हाउस तक पहुंचेगा। जिससे शहर में पानी सप्लाई करने वाली टंकियों में पानी भरा जाता है।

यहाँ भी तीन दिन टोटा

शहर के वि_ल नगर क्षेत्र में आने वाले सुंदर नगर,चीरा खदान और बाहेती कॉलोनी सहित झिलोद्यान क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इससे सर्किट हाउस क्षेत्र के सिविल लाइन अफसरों के इलाके, वत्सला विहार,शांतिनगर, केशव कुंज. नारायण नगर के आसपास की कालोनियां. वि_ल नगर क्षेत्र, झीलोद्धान क्षेत्र सहित डाइट कालेज क्षेत्र प्रभावित होंगे। पदम्कुंड, दुबे कॉलोनी एवं डाइट कॉलेज क्षेत्र अंतर्गत आने वाले अशोक नगर और कोर्ट कॉलोनी में भी पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। जिसको लेकर नगर निगम ने नागरिकों से अपील भी जारी की है कि, वे आवश्यकतानुसार ही जल का उपयोग करें।

 

नई पाइप-लाइन पर विशेष ध्यान

 

पांच-सात साल में रिटायर्ड हो चुकी कृत्रिम रूप से बूढ़ी पाइप लाइन डालने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। सरकारी कर्मचारी यदि हजार रुपए रिश्वत लेते पकड़ा जाता है,तो लोकायुक्त से जेल तक की सलाखें उसके स्वागत के लिए तैयार रहती हैं? यहां तो भ्रष्टाचार तय ही नहीं हो पा रहा है। एक महिला कलेक्टर ने चार्ज लेते ही विश्वा कंपनी वाले के नट-बोल्ट उखाडक़र हाथ में देने की चेतावनी दी थी। इसके बाद वे भी चुप हो गईं। अब 137.50 करोड़ की लागत से चारखेड़ा से खंडवा तक 37.50 किमी नई पाइपलाइन बिछ रही है। इसको पुरानी लाइन वाला वायरस न लग जाए। इसलिए लगातार मानिटरिंग चल रही है। 137.50 करोड़ की लागत से चारखेड़ा से खंडवा तक बिछ रही 37.50 किमी पाइपलाइन का महापौर लगातार निरीक्षण कर रही हैं। पुरानी लाइन की तरह समस्याएं न हो जाएं। इसलिए रोज समीक्षा भी हो रही है। जल समस्या के स्थायी समाधान हेतु अमृत 2.0 योजना को नाम दिया गया है। निगमायुक्त ने कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए ताकि खंडवा शहर को जल्द से जल्द इस योजना का लाभ मिल सके।

Next Post

सिंगाजी थर्मल में यूनिट-3 ने बिजली उत्पादन का फिर रिकार्ड बनाया

Wed Feb 19 , 2025
सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना की विजिट कर कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने विद्युत गृह की कार्यप्रणाली को समझा   नवभारत न्यूज मून्दी। सिंगाजी ताप विद्युत परियोजना की 660 मेगावाट की इकाई 03 ने फिर से कीर्तिमान बनाया है। इस यूनिट ने 10 नवंबर 2024 से 18 फरवरी 2025 तक 100 दिन […]

You May Like