मुंबई, 18 फरवरी (वार्ता) भारतीय विज्ञापन मानक परिषद (एएससीआई) ने अवैध ऑफशोर सट्टेबाजी और जुए के विज्ञापनों पर रोक लगाने के लिए भारतीय फैंटेसी स्पोर्ट्स महासंघ (एफआईएफएस), अखिल भारतीय गेमिंग महासंघ (एआईजीएफ) और ई-गेमिंग महासंघ (ईजीएफ) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
यह साझेदारी एक विशेष निगरानी प्रकोष्ठ स्थापित करेगी, जो संबंधित मंत्रालयों को अवैध विज्ञापनों की स्क्रीनिंग और रिपोर्टिंग पर केंद्रित होगी। इसके अलावा यह प्रकोष्ठ रियल-मनी गेमिंग (आरएमजी) विज्ञापनों की भी जांच करेगा ताकि वे एएससीआई के दिशा-निर्देशों का पालन करें। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ऑफशोर सट्टेबाजी विज्ञापनों की पहचान कर नियामकों तक पहुंचाना और आरएमजी उद्योग के अनुपालन को मजबूत करना है। यह समझौता ज्ञापन 02 जनवरी 2025 से प्रभावी रहेगा।
समझौते के लागू होने के बाद से एएससीआई ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय को 413 ऑफशोर सट्टेबाजी विज्ञापनों को रिपोर्ट किया है जबकि आरएमजी दिशानिर्देशों के उल्लंघन पर 12 विज्ञापनों पर कार्रवाई की गई। इससे पहले अप्रैल 2023 से मार्च 2024 के बीच एएससीआई ने 1336 ऐसे विज्ञापनों को फ्लैग किया था, जिसके आधार पर सरकार ने कई प्लेटफार्मों और विज्ञापनों को प्रतिबंधित किया था।
भारत के अधिकांश राज्यों में जुआ और सट्टेबाजी गैरकानूनी है और ऐसे विज्ञापनों का प्रसारण प्रतिबंधित है। हालांकि, कौशल-आधारित रियल-मनी गेम्स को कई राज्यों में मान्यता प्राप्त है, जिससे उनके विज्ञापन की अनुमति है। कई ऑफशोर कंपनियां खुद को कानूनी गेमिंग कंपनियों के रूप में प्रस्तुत कर उपभोक्ताओं को गुमराह करने की कोशिश करती हैं।
एएससीआई की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मनीषा कपूर ने कहा, “भारतीय उपभोक्ता विदेशी सट्टेबाजी विज्ञापनों के लगातार संपर्क में हैं, जिनकी भारत में कोई जवाबदेही नहीं है। कई भारतीय हस्तियां भी इनमें शामिल रही हैं। हम ऐसे विज्ञापनों को नियामकों तक पहुंचाने और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
एफआईएफएस के सीईओ नील कैस्टेलिनो ने कहा, “हम जिम्मेदार विज्ञापन को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक सर्वोत्तम मानकों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा लक्ष्य उपभोक्ताओं को अवैध प्लेटफार्मों से बचाना और भारतीय आरएमजी उद्योग में जिम्मेदारीपूर्ण विज्ञापन संस्कृति को मजबूत करना है।”
ईजीएफ के सीईओ अनुराग सक्सेना ने कहा, “ऑफशोर सट्टेबाजी से भारतीय उपभोक्ताओं और घरेलू उद्योग को नुकसान हुआ है। एएससीआई का यह निगरानी प्रकोष्ठ इस दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे हम गेमिंग क्षेत्र में नैतिक मानकों को बनाए रखेंगे।”
एआईजीएफ के सीईओ रोलैंड लैंडर्स ने कहा, “एआईजीएफ लंबे समय से जिम्मेदार गेमिंग प्रथाओं की वकालत कर रहा है। यह समझौता ज्ञापन उपभोक्ताओं की सुरक्षा, नैतिक विज्ञापन और भारतीय ऑनलाइन गेमिंग उद्योग की विश्वसनीयता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”

