
सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र ने दायर की एसएलपी
नव भारत न्यूज
इंदौर. पीथमपुर में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने के जबलपुर हाईकोर्ट आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है. याचिका में सरकार द्वारा नियमों का पालन नहीं करने और जन स्वास्थ को आधार बनाया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर दिए हैं. याचिका पर सुनवाई 24 फरवरी को होगी.
सामाजिक कार्यकर्ता चिन्मय मिश्र ने अधिवक्ता डॉ. सर्वम रितम खरे और देवदत्त कामत के माध्यम से यूनियन कार्बाइड के पीथमपुर में कचरा जलाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका क्रमांक 3661 /2025 दाखिल की है. उक्त याचिका जबलपुर हाईकोर्ट के आदेश के यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर के रामकी संयंत्र में जलाने के खिलाफ लगाई गई है. सुप्रीम कोर्ट जस्टिस ए जी मसीह और जस्टिस बी.एल. गवई की डबल बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है. अगली सुनवाई 24 फरवरी को होगी. याचिकाकर्ता चिन्मय मिश्र ने बताया कि सिर्फ कचरा नहीं जलाया जा रहा है, बल्कि नियमों का पालन भी नही किया जा रहा है.
ध्यान रहे कि भोपाल यूनियन कार्बाइड का 337 मिट्रिक टन कचरा कंटेनरों से अपलोड हो चुका है. हाई कोर्ट के आदेश है कि 18 फरवरी के बाद थोड़ा थोड़ा कचरा रामकी संयंत्र में जलाया जाए। हालांकि यह प्रोसेस अभी शुरू नहीं हुई है.
पीथमपुर बचाओ संघर्ष समिति ने भी की याचिका दाखिल
पीथमपुर बचाओ संघर्ष समिति ने भी हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिसमें कचरा जलाने को लेकर आपत्ति ली गई है.
