बागली/खातेगांव: विगत दिनों देवास जिले के पीपलरावां में आम सभा के दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के कहने पर 50 से अधिक गांवो के नाम बदलने की मांग पर शासन की मोहर लगाने की बात कही इस अध्यादेश पर पूर्व विधायक एवं कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष कैलाश कुंडल ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जिन गांवों के नाम बदल रहे हैंउन गांवो की सूरत भी बदलना चाहिए सिर्फ नाम बदलना ही काफी नहीं है। उस गांव के निवासियों को मूलभूत सुविधा मिले इस बात का भी ध्यान रखना आवश्यक है। लेकिन कुछ लोग है ।कि वर्षों पूर्व से प्रचलन मेंनामांकित चले आ रहे गांवो के नाम बदलने पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। जिससे सांप्रदायिक सौहार्द खंडित हो रहा है।
प्रत्येक गांव के पीछे कुछ नहीं कुछ कहानी है। आजादी के बाद एवं आजादी के पूर्व राजस्व रिकॉर्ड में अंकित गांव के नाम बदलकर भारतीय जनता पार्टी तालिबानी हुक्म सुना रही है। कैलाश कुंडल ने आगे बताया कि क्षेत्र के अधिकतर गांव कागजों पर विकसित है ।लेकिन मूलभूत सुविधा वहां पर अभी भी नहीं मिल पाई है। पेयजल योजना के नाम पर करोड़ों रुपए का खर्च हो चुका है ।जिसका हिसाब अभी तक नहीं दिया जा रहा है। इसलिए गांव के विकास पर विशेष ध्यान दे तो जनता का भला होगा। क्षेत्र के निवासियों को शुद्ध पेयजल अच्छी सड़क उच्च शिक्षा और बेहतर सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय रोजगार पर ध्यान देना बेहद जरूरी है।
