नगर पंचायत चुरहट के इंदिरा गांधी बस स्टैण्ड दुकानों की नीलामी के दशकों बाद ना अनुबंध हुआ ना ही निरस्त हुई दुकानें
सीधी/चुरहट : नगर पंचायत चुरहट के इंदिरा गांधी बस स्टैण्ड दुकानों की नीलामी के दशकों बाद ना अनुबंध हुआ ना ही दुकानें निरस्त हुयीं। ऐसे में नपं को करोड़ों के नुकसान के जिम्मेदारों पर कब कार्यवाही होगी।बताते चलें कि तत्कालीन विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) सीधी द्वारा वर्ष 1993 में इंदिरा गांधी बस स्टैण्ड चुरहट में दुकानों का निर्माण कराया गया था। बस स्टैण्ड में 24 बड़ी एवं 40 छोटी (ओटला) दुकानें बनाई गई थीं। बस स्टैण्ड में निर्मित दुकानों की नीलामी 6 जून 1993 को करायी गयी थी। इसमें 4 बड़ी दुकानें अंत्यावसायी विभाग को आंवटित की गई थी। इसके अलावा 7 दुकानों की नीलामी अभी तक नहीं हुई थी। जिन दुकानों की नीलामी करायी गयी थी उसमें दशकों बाद भी नपं चुरहट द्वारा ना अनुबंध कराया गया और ना ही किराया वसूलने की कोई पहल की। हैरत की बात तो यह है कि करोड़ो के नुकसान के बाद भी नगर पंचायत के जिम्मेदारों द्वारा अभी तक दुकानों को निरस्त करने की जरूरत भी नहीं समझी जा रही है। इस दौरान कई सीएमओ आये, परिषद बदली फिर भी इस गंभीर मामले पर कार्यवाई करने की जरूरत नहीं समझी जा रही है। जिससे शासन को करोड़ों की चपत लग रही है। इस गंभीर मसले को नवभारत द्वारा मुहिम के रूप में उठाया जा रहा है।
परिषद बदली, सीएमओ बदले फिर भी नहीं बदली स्थिति
नगर पंचायत चुरहट के जिम्मेदारों की लापरवाही से तीन दशक बाद भी इंदिरा गांधी बस स्टैण्ड में निर्मित करायी गयी आधा सैकड़ा दुकानों का संचालन अभी तक शुरू नहीं हो सका है। विडम्बना यह है कि तीन दशकों में परिषद बदली, सीएमओ बदले फिर भी दुकानों के संचालन के लिये सार्थक पहल नहीं की गई। नवभारत के खबर प्रकाशन के दौरान जिम्मेदारों द्वारा कार्यवाई की बात लगातार की जाती रही है।
कहने के बाद भी सीएमओ नहीं किये कार्यवाही: मोनिका
नगर पंचायत परिषद चुरहट अध्यक्ष मोनिका गुप्ता ने कहा कि नवभारत द्वारा पूर्व में जब मामला संज्ञान में लाया गया था। तभी आनंद मिश्रा मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पंचायत परिषद चुरहट को इंदिरा गांधी बस स्टैण्ड चुरहट की दुकानों के संबंध में नगरीय प्रशासन के नियमानुसार कार्यवाही करने के लिए कहा गया था। लेकिन उनके द्वारा कोई कार्यवाही नही की गई। परिषद की आगामी बैठक में इस मामले को प्रमुखता से रखा जायेगा।
इनका कहना है
नवभारत के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। इस मामले में परिषद अध्यक्ष एवं सीएमओ को कार्यवाही करने का अधिकार है। संबंधित विषय के बारे में परियोजना अधिकारी जिला शहरी विकास अभिकरण सीधी से चर्चा कर नगर पंचायत परिषद चुरहट से जानकारी लेकर अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।
आर.एस.मण्लोई, जेडीएयूएडी, रीवा
