ग्वालियर: आदित्यपुरम निवासी 23 वर्षीय मेडिकल स्टूडेंट मेघना चौहान को क्रिप्टोकरेंसी में निवेश और टास्क पूरे करने के नाम पर 44 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। ठगों ने उसे धीरे-धीरे अपने जाल में फंसाया और तरह-तरह के बहाने बनाकर उससे मोटी रकम ऐंठ ली। जब उसने पैसे निकालने चाहे, तो और अधिक रकम की मांग की गई। ठगी का अहसास होने पर पीड़िता ने क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मेघना के पास टेलीग्राम पर एक मैसेज आया, जिसमें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर क्रिप्टोकरेंसी में निवेश और टास्क पूरा करने के बदले पैसे कमाने का लालच दिया गया। इसके बाद उसे सूरज नामक व्यक्ति ने एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा, जिसमें चार-पांच अन्य सदस्य भी थे। उनमें से एक ने मेघना को एक अकाउंट बनाने के लिए कहा, जिससे वह निवेश कर सके।टेलीग्राम ग्रुप में शुरुआत में छोटे टास्क दिए गए, जिन्हें पूरा करने पर पैसे मिलते थे। पहला टास्क एक होटल को फाइव-स्टार रेटिंग देने का था, जिससे उसे 200 रुपये मिले। इसके बाद अन्य टास्क दिए गए, जिनमें निवेश करने के बदले कमीशन मिलने का दावा किया गया। आठवें टास्क में मेघना ने 1000 रुपये का निवेश किया और 480 रुपये का कमीशन मिला। इससे उसे भरोसा हो गया कि यह एक वास्तविक प्लेटफॉर्म है।
जब मेघना ने 10,000 रुपये का टास्क पूरा किया, तो उसे बताया गया कि उसने क्रिप्टोकरेंसी चुनने में गलती कर दी है, जिससे उसका पैसा फंस गया है। उसे दो अतिरिक्त टास्क दिए गए और यह भी कहा गया कि पैसे वापस निकालने के लिए उसे रितु नामक कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव से बात करनी होगी।रितु ने उससे कहा कि उसके खाते में 3.75 लाख रुपये फ्रीज हो गए हैं और यदि वह इतनी ही राशि और जमा करेगी, तो उसका पूरा पैसा वापस मिल जाएगा। ठगों के झांसे में आकर मेघना ने यह रकम जमा कर दी।इसके बाद उसे बताया गया कि उसका क्रेडिट स्कोर कम हो गया है, जिससे ट्रांजैक्शन फेल हो सकता है। इसे ठीक करने के लिए उससे 2.40 लाख रुपये और मांगे गए, जो उसने जमा कर दिए। इसी तरह अलग-अलग बहाने बनाकर उससे कुल 44,11,363 रुपये ठग लिए गए।
