
ग्वालियर। बिस्तरों में गहरी नींद ले रहे फरार बदमाशों की जब नींद खुली तो सामने पुलिस बैठी थी, पुलिस को देखते ही एक पल में नींद छू मंतर हो गई और पुलिस ने भी बगैर देर किए उन्हें थाने पहुंचा दिया। मौका था रात में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे कॉम्बिंग गश्त का। एक बार थाने की चौखट चढऩे के बाद उनके शुभचिंतक उन्हें बचाने के लिए कॉल लगाते रहे, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और पकड़े गए वारंटियों के खिलाफ कार्रवाई की। 197 बदमाशों को हवालात की हवा खिलाई तो 306 उन बदमाशों को पकड़ा है, जो पूर्व में बदमाशी करते थे और थाने के हिस्ट्रीशीटर व गुण्डा लिस्ट में हैं।
बीती रात चले अभियान में एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि कॉम्बिंग गश्त में कार्रवाई करने पहुंची पुलिस ने सबसे पहले उन इलाकों को चिह्नित किया, जहां पर सबसे ज्यादा बदमाशी होती है, फिर पुलिस ने उस इलाके को सील कर दबिश देना शुरू कर दिया और जो बदमाश जिस हालत में मिला, उसे थाने पहुंचा दिया। पुलिस ने कॉम्बिंग गश्त में 90 स्थायी वारंटी, 107 गिरफ्तारी वारंटी के साथ ही 160 गुण्डे और 147 हिस्ट्रीशीटर को चेक किया।
काम्बिंग गश्त में पुलिस के निशाने पर बीती रात वह बदमाश थे जो पूर्व में वारदातों के मास्टर रहे हैं और अब उनके द्वारा पुलिस को भरोसा दिलाया जा रहा है कि वह अपराध से तौबा कर चुके हैं, पुलिस ने इनका पूरा रिकार्ड अपडेट किया, साथ ही उनके द्वारा किए गए काम की जानकारी के साथ ही चेतावनी दी है कि अपराध से दूर रहें और अपराधियों की कोई भी सूचना पर पुलिस को जानकारी दें, जिससे अपराध की कमर तोड़ी जा सके।
कॉम्बिंग गश्त शुरू होते ही एसएसपी धर्मवीर सिंह भी मैदान में उतर आए और जहां पर पुलिस ढीली दिखाई दी उनकी फटकार लगाई और जहां पर चुस्त दिखी उनकी पीठ थपथपाई। कॉम्बिंग गश्त के दौरान दस आवारागर्दी करने वाले भी पुलिस ने पकड़े हैं और उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।
