नगर पंचायत चुरहट को करोड़ों की चपत, दशकों से दुकानों का फूटी कौड़ी नही मिला किराया…

० नवभारत मुहिम की पहल से दशकों बाद पुन: शुरु हुआ बस स्टैण्ड चुरहट, साडा द्वारा 1993 में इंदिरा गांधी बस स्टैण्ड में लाखों की लागत से निर्मित आधा सैकड़ा दुकानों की नीलामी के बाद आज तक नही हुआ अनुबंध

सीधी/चुरहट 9 फरवरी। नगर पंचायत चुरहट को बस स्टैण्ड में निर्मित दुकानों का दशकों से किराये में फूटी कौड़ी नहीं मिला। नगर पंचायत चुरहट को करोड़ो की चपत लग चुकी है।

बताते चलें कि विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) सीधी द्वारा 1992 में इंदिरा गांधी बस स्टैण्ड चुरहट का निर्माण कराया गया था। बस स्टैण्ड के अंदर यात्रियों की सुविधा के लिये व्यवस्थित यात्री प्रतीक्षालय, प्रसाधन, 24 बड़ी एवं 40 छोटी (ओटला) दुकानें बनाई गई थीं। बस स्टैण्ड में निर्मित दुकानों की नीलामी 6 जून 1993 को करायी गयी थी। उस दौरान 4 बड़ी दुकानें अंत्यावसायी विभाग को आवंटित की गई थी। इसके अलावा 7 दुकानों की नीलामी रिकार्ड के अनुसार अभी नहीं हुई है। 13 दुकानों की नीलामी की गई है। यह दुकाने रामचरित्र गुप्ता, भगवानदीन पटेल, अहमद रजा, दरबारी लाल गुप्ता, पन्नालाल गुप्ता, शिवशंकर जायसवाल, अमृत लाल गुप्ता, रामशिरोमणि गुप्ता, रामस्वयंबर गुप्ता सभी निवासी चुरहट, रामायण प्रसाद दुबे, अशोक सिंह गहरवार, राजकुमार सिंह, त्रिवेणी सिंह सभी निवासी हर्दिहा के नाम दी गई हैं। इनमें 6 दुकानों की नीलामी राशि जमा है। वहीं 7 दुकानों की पूरी नीलामी राशि भी जमा नहीं हुई है। विडम्बना यह है कि नवभारत की विशेष मुहिम पर बस स्टैण्ड का चुरहट में संचालन नियमित रूप से हो रहा है फिर भी नगर पंचायत चुरहट के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते दुकानों का संचालन नहीं हो रहा। नगर पंचायत द्वारा दुकानों का संचालन न करने वाले लोगों की नीलामी को निरस्त कराने के लिये आज तक कोई सार्थक कार्यवाई नहीं की गई। लिहाजा दुकान लेने के बाद भी उनका संचालन न करने वालों की मनमानी से नगर पंचायत को करोड़ों की चपत लग चुकी है। विभागीय सूत्रों की मानें तो बस स्टैण्ड में निर्मित आधा सैकड़ा दुकानों के नियमित संचालन को लेकर नगर पंचायत प्रशासन कभी गंभीर नहीं रहा। इसी वजह से दुकानों की निरस्तगी के लिये नगर परिषद की बैठक में कभी भी प्रस्ताव नहीं रखा गया। उक्त सभी दुकानों का रजिस्ट्रेशन दुकान मालिकों द्वारा आज तक कराने की जरूरत नहीं समझी गई।

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मुख्य विषयों पर एक नजर

* विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण (साडा) सीधी द्वारा 1993 में इंदिरा गांधी बस स्टैण्ड चुरहट में दुकानों का हुआ था निर्माण

* बस स्टैण्ड में 24 बड़ी एवं 40 छोटी (ओटला) दुकानें बनाई गई थी

* बस स्टैण्ड में निर्मित दुकानों की नीलामी 6/6/1993 में कराई गई थी

* 4 बड़ी दुकानें अन्त्यावसाई विभाग को आवंटित की गई

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परिषद और ना ही नपं प्रशासन ने की कभी कोई ठोस पहल

चुरहट बस स्टैण्ड परिसर में निर्मित आधा सैकड़ा दुकानों के संचालन को लेकर कभी भी परिषद और ना ही नगर पंचायत प्रशासन ने कोई ठोस पहल की। लिहाजा नीलामी में दुकान लेने वालों की दिलचस्पी दुकान का संचालन करने को लेकर कभी नहीं रही। आरंभ में यही दलील दी जा रही थी कि जब बस स्टैण्ड में बसें हीं नहीं रूकती तो यहां दुकान संचालन कैसे किया जा सकता है। नवभारत की पहल पर करीब एक वर्ष से बस स्टैण्ड में बसों की आवाजाही नियमित रूप से हो रही है। फिर भी दुकानों का संचालन कराने के लिये परिषद और नगर पंचायत प्रशासन की ओर से कोई प्रयास नहीं किये जा रहे हैं, जिसके चलते नगर पंचायत चुरहट को तीन दशकों में करोड़ों की राजस्व चपत लग चुकी है।

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इनका कहना है

नवभारत के माध्यम से मामला संज्ञान में आया है। विषय गंभीर है मुख्य नगरपालिका अधिकारी नगर पंचायत परिषद चुरहट को पत्र लिखकर जानकारी मंगाई जायेगी। प्राप्त जानकारी अनुसार अग्रिम कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी।

मिनी अग्रवाल, परियोजना अधिकारी

जिला शहरी विकास अभिकरण (डूडा) सीधी

नगर पंचायत परिषद चुरहट के दुकानों की जो किराया वसूली सूची मुझे मिली है उसमें सिर्फ 17 दुकानें हैं। जिनमें रेंज आफिस के पास 10 एवं बीछी मार्ग में बनी 7 दुकानें हैं। इंदिरा गांधी बस स्टैण्ड की दुकानें किराया वसूली सूची में दर्ज ही नही है।

चम्पा लाल पटेल, सहायक राजस्व निरीक्षक

नगर पंचायत परिषद, चुरहट

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