तिष्ठित यशवंत क्लब में सदस्यता को लेकर विवाद

सदस्यों के साथ पूर्व विधायक के बेटे ने की भोपाल शिकायत
कलेक्टर कर रहे है शिकायत की जांच

इंदौर: प्रदेश और शहर के प्रतिष्ठित यशवंत क्लब में सदस्यता को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया है. विवाद का कारण नई सदस्यता है, जिसमें आरोप है कि वर्किंग कमेटी द्वारा पारदर्शिता नही रखी गई है. साथ ही तय सदस्यता से ज्यादा को सदस्यता दे दी गई. क्लब के बायलाज को दर किनार किया गया है.मामला यह है कि यशवंत क्लब में हर साल 25 नई सदस्यता देने का नियम है. इसके लिए क्लब में आवेदन देना होता है. क्लब में सदस्यता पाने के लिए  50 में से 33 सदस्यों की मंजूरी लगती है. क्लब में 2023 से सदस्यता देना बाकी था. कुल 50 आवेदकों को सदस्यता देना थी, लेकिन वर्मन कार्यकारिणी में नियम विरुद्ध क्लब के संविधान के विपरीत 57 सदस्यों की सदस्यता पर मंजूरी दे दी.

क्लब में पूर्व विधायक संजय शुक्ला के बेटे सागर शुक्ला ने भी आवेदन दिया था, जो दो वोट से सदस्यता पाने से वंचित रह गए. दूसरी ओर सदस्यता पाने से वंचित और अनियमितता को लेकर क्लब के करीब 10 सदस्यों ने कलेक्टर को शिकायत कर दी. बताया जाता है कि छह सदस्यों ने शिकायत वापस ले ली थी, लेकिन रणवीर सलूजा और गिरीश मुले ने शिकायत वापस नहीं ली. कलेक्टर ने क्लब सदस्यों के शिकायत आवेदन पर जांच करने आदेश दे दिए. उपायुक्त रजिस्ट्रार एंड फर्म सौसायती पी. डी कुबेर को जांच रिपोर्ट देने के आदेश जारी कर दिए. इस बीच पूर्व विधायक संजय शुक्ला के बेटे सागर ने भोपाल शिकायत कर दी.

शिकायतकर्ताओं ने वर्तमान वर्किंग कमेटी के चेयरमैन टोनी सचदेवा, सचिव संजय गौरानी ,सहसचिव विपिन कुलवाल, कोषाध्यक्ष आदित्य उपाध्याय और कार्यकारिणी के पांचों सदस्यों के खिलाफ गलत तरीके से सदस्यता देना का आवेदन दिया है। शिकायत में बताया गया है कि क्लब के विधान अनुसार बिलेंटिंग और काउंटिंग बंद कमरे में की गई , जो पूरी प्रक्रिया को प्रथम दृष्टया गलत होकर अनियमितता करना प्रतीत होता है। बताया गया कि नई सदस्यता में बिलेंटिंग और काउंटिंग दोनो को डिस्प्ले दिखाया जाता है। या घोर अनियमितता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर रहा है। इसमें पारदर्शिता नहीं रखी गई। साथ ही तय सदस्यों से ज्यादा को सदस्यता दी गई उसमें ज्यादा सदस्य बनाए जाने को लेकर भी धांधली की आशंका है।

छाबड़ा ने सवाल उठाए
सदस्यता मामले में पूर्व चेयरमैन पम्मी छाबड़ा ने भी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए है. छाबड़ा ने कहा कि पारदर्शिता नहीं रखी गई है, जिससे सदस्यता की पूरी प्रक्रिया ही गलत है. इसकी जांच होना चाहिए. इस मामले में क्लब के पूर्व चेयरमैन पम्मी छाबड़ा ने कहा कि नई सदस्यता में पूरी प्रक्रिया गलत और अपारदर्शिता की गई है. बिलेंटिंग कमेटी में नहीं आ सकूं , वालियेबान कमरे में बिलेंटिग की गई. मैं दो बार ई मेल कर चुका था कि सदस्यता देने की प्रक्रिया गलत तरीका अपनाया जा रहा है , क्लब के बायलाज के अनुसार नही है.

पूरी पारदर्शिता रखी गईः सचिव
क्लब के वर्तमान सचिव संजय गौरानी ने कहा कि सदस्यता देने की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता रखी गई. मगर वे क्लब के संविधान और डिस्प्ले नहीं करने का जवाब टाल गए. बंद कमरे में बिलेंटिग और काउंटिंग करने के बारे में स्पष्ट कुछ नहीं कह सके. साथ ही फार्म 186 का खुलासा भी नहीं करने की बात पर कोई जवाब नही दे सके.

उपायुक्त जांच पूरी, कलेक्टर को सौंपेंगे
उपायुक्त रजिस्ट्रार फर्म एंड सोसायटी ने कहा कि कलेक्टर द्वारा यशवंत क्लब  सदस्यता को लेकर मिली शिकायत की जांच के आदेश दिए थे. मेरे द्वारा जांच पूरी कर ली गई है, एक दो दिन में जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी जाएगी.

सदस्यता को लेकर पूर्व विधायक पुत्र पहुंचे भोपाल
यशवंत क्लब में सदस्यता को लेकर की गई अनियमितता को लेकर पूर्व विधायक संजय शुक्ला के बेटे सागर शुक्ला ने भोपाल में शिकायत की है. मुख्यमंत्री को हस्तक्षेप कर मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने का आवेदन दिया है

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