महाकुंभनगर,03 फरवरी (वार्ता) मौनी अमावस्या के हादसे के बाद महाकुंभ के तीसरे अमृत स्नान “बसंत पंचमी” पर श्रद्धालुओं के उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दी। श्रद्धालुओं ने सिद्ध-साध्य के अद्भुत संयोग में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य के भागीदार बने ।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सुबह दस बजे तक 81 लाख 24 हजार श्रद्धालुओं ने पतित पावनी गंगा, श्यामल यमुना और अन्त: सलिला स्वरूप में प्रवाहित सरस्वती की त्रिवेणी में पुण्य स्नान किया। उन्होंने बताया कि स्नान निर्बाध गति से चल रहा है। सभी स्नन घाट पर सुरक्षा के मद्देनजर चप्पे चप्पे पर पुलिस का कड़ा पहरा लगा है। पूरे संगम क्षेत्र की किले बंदी कर दी गयी है। चाक चौबंद व्यवस्था में श्रद्धालु निश्चित हाेकर स्नान कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि संगम तट पर स्नानार्थियों को अधिक समय तक रूकने नहीं दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं से स्नान के तत्काल बाद घाट खाली करने की माइक से लगातार अपील की जा रही है।
मौनी अमावस्या पर मौन की डुबकी की ललक में संगम पर हुए हादसा के बाद बसंत पंचमी के अवसर पर आस्था के जन प्रवाह में कोई कमी नहीं आई। चेहरे पर उत्साह और पावो में कभी न महसूस होने वाली थकान का भाव लिए संगम की दूरी पूछते लोग आस्था की डगर पर बढ़ते नजर आते रहे हैं। चाहे सम्राट हर्षवर्धन का समय रहा हो या फिर सैकड़ो वर्षों की गुलामी का कालखंड, कुंभ में आस्था का जन प्रवाह कभी नहीं रूका। यही धारणा संगम पर जन ज्वार के रूप में दिन रात उफना रही है।
महाकुंभ के तीसरे अमृत स्नान पर लाखों श्रद्धालु देर रात से ही पुण्य की कामना के साथ संगम की रेती पर एकत्रित होने लगे। हर -हर गंगे, बम बम भोली और जय श्रीराम के गगनभेदी उद्धघोष से संगम क्षेत्र गुंजायमान हो गया। मौनी अमावस्या के अप्रत्याशित घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम रहा। श्रद्लुओं के साथ साधु-संत, महामंडलेश्वर और देश-विदेश से आए भक्त संगम में पवित्र डुबकी लगाते नजर आए। स्नान के बाद श्रद्धालु दान-पुण्य करते दिखे।
