नयी दिल्ली, 03 फरवरी (वार्ता) स्टेनलेस स्टील निर्माता कंपनी जिंदल स्टेनलेस ने केंद्रीय बजट 2025-26 का स्वागत किया और इसे एक दूरदर्शी ढांचा करार दिया, जो विकास, स्थिरता और सामाजिक कल्याण के बीच एक आदर्श संतुलन बनाता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में बजट आवंटन पर टिप्पणी करते हुए जिंदल स्टेनलेस के प्रबंध निदेशक अभ्युदय जिंदल ने कहा,“ भारत के विकास में आधारभूत संरचना की केंद्रीय भूमिका है और यह बजट इस गति को बनाए रखता है। पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में 10.08 प्रतिशत की वृद्धि के साथ इसे 11.21 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया है, जबकि राज्यों के पूंजीगत व्यय के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 10 लाख करोड़ रुपये का एसेट मोनेटाइजेशन प्लान (2025-30) नए प्रोजेक्ट्स के लिए धन उपलब्ध कराएगा, जबकि पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल परिवहन, शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्रों में निजी निवेश को बढ़ावा देगा। एक लाख करोड़ रुपये का अर्बन चैलेंज फंड, ‘शहरों को विकास केंद्र बनाने’ की नीति को आगे बढ़ाएगा, जिससे व्यवसायों, समुदायों और अर्थव्यवस्था में व्यापक वृद्धि होगी।”
‘मेक इन इंडिया’ पहल के बारे में उन्होंने कहा, “केंद्रीय बजट 2025-26 में ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देने पर निरंतर जोर दिया गया है, जिससे भारत के विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि को गति मिलेगी। नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन, अपनी पांच-आयामी रणनीति के साथ, व्यापार दक्षता और लागत प्रभावशीलता में सुधार, कार्यबल को भविष्य की आवश्यकताओं के लिए तैयार करने, एमएसएमई को सशक्त बनाने, तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने और उच्च गुणवत्ता मानकों को बनाए रखने पर केंद्रित है। मजबूत निगरानी और प्रशासनिक रूपरेखा के माध्यम से, यह पहल नीतियों के बेहतर क्रियान्वयन, बाधाओं को कम करने और औद्योगिक विस्तार के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाने में मदद करेगी।”
उन्होंने कहा, “डिजिटल स्किलिंग पहल, जिसका उद्देश्य युवाओं को इंडस्ट्री 4.0 प्रौद्योगिकियों से लैस करना है, विनिर्माण और सेवा क्षेत्रों में क्रांति लाने की क्षमता रखती है। स्टेनलेस स्टील उद्योग में, जहां स्वचालन और उन्नत विनिर्माण प्रक्रियाएं तेजी से अपनाई जा रही हैं, ये प्रयास एक ऐसे कार्यबल को तैयार करेंगे जो परिवर्तनशील औद्योगिक परिदृश्य के साथ आगे बढ़ सके। श्री जिंदल ने बताया कि बिजली आपूर्ति में सुधार और राज्यों को ऊर्जा अवसंरचना में निवेश के लिए अधिक वित्तीय स्वतंत्रता देने से सस्ती और विश्वसनीय ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
इंडियन स्टेनलेस स्टील डेवलपमेंट एसोसिएशन (आईएसएसडीए) ने केंद्रीय बजट 2025-26 का स्वागत किया और इसे इंफ्रास्ट्रक्चर, विनिर्माण और स्थिरता पर केंद्रित एक दूरदर्शी बजट बताया, जो स्टेनलेस स्टील उद्योग की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है।
आईएसएसडीए के अध्यक्ष राजमणि कृष्णमूर्ति ने कहा है कि बजट भारत के औद्योगिक और आर्थिक विकास की मजबूत नींव रखता है। पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में 10.08प्रतिशत की वृद्धि कर इसे 11.21 लाख करोड़ रुपये किया गया है और 10 लाख करोड़ रुपये की परिसंपत्ति मुद्रीकरण योजना बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं को गति देगी। इससे परिवहन, शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्रों में स्टेनलेस स्टील की मांग बढ़ेगी। विकास के केंद्र के रूप में शहर पहल के लिए 1 लाख करोड़ रुपये का बजट स्थायी शहरीकरण को बढ़ावा देगा और मजबूत, पर्यावरण-अनुकूल बुनियादी ढांचे के निर्माण में स्टेनलेस स्टील की भूमिका को और सशक्त करेगा। उन्होंने कहा कि बजट स्टेनलेस स्टील उद्योग के दीर्घकालिक विकास के लिए संतुलित रोडमैप प्रस्तुत करता है। इंफ्रास्ट्रक्चर, विनिर्माण और स्थिरता पर ध्यान केंद्रित करने से यह क्षेत्र भारत की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देगा और भारत को वैश्विक स्टेनलेस स्टील उत्पादन और नवाचार में अग्रणी बनाए रखेगा।
