
जयराम रमेश ने कहा कि बजट में नीयत और विषय-वस्तु देखी जाती है. नीयत और विषय-वस्तु ही सीमा तय करती है. हमें बहुत उम्मीद नहीं है. जो कदम उठाए जाने हैं, निजी निवेश के लिए जो प्रोत्साहन चाहिए, मुझे बजट में ऐसे किसी बड़े धमाके की उम्मीद नहीं है. लेकिन देखते हैं कि मध्यम वर्ग के लिए क्या होगा, टैक्स में छूट मिलेगी या नहीं, क्या हमें टैक्स आतंकवाद से मुक्ति मिलेगी? GST में बुनियादी सुधारों की जरूरत है. मोदी 3.0 की चर्चा हो रही है लेकिन GST 2.0 कब आएगा.
