पुणे (वार्ता) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुक्रवार को कहा है कि आज के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के युग में मराठी भाषा विभाग को मराठी में हमारे शास्त्रीय साहित्य को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए चैट-जीपीटी जैसा ‘लघु भाषा मॉडल’ बनाने की पहल करनी चाहिए।
श्री फडणवीस ने यहां तीसरे विश्व मराठी साहित्य सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए कहा, ”यह हम सभी के लिए वास्तव में बहुत खुशी की बात है कि यह मराठी का घर है और मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने के बाद पुणे में पहली बैठक है।”
उन्होंने महाराष्ट्र के निर्माण के बाद पहली बार अगले महीने दिल्ली में आयोजित होने वाले अखिल भारतीय साहित्य सम्मेलन पर भी अपनी खुशी व्यक्त की।
श्री फडणवीस ने कहा कि इस सम्मेलन का पहला साहित्य भूषण पुरस्कार पद्मश्री मंगेश कार्णिक को प्रदान करना खुशी की बात है जो एक रचनात्मक लेखक हैं और जिन्होंने चार साल की उम्र में साहित्य रचना शुरू की थी और 93 साल की उम्र में भी सभी तरह का साहित्य रच रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ”इस सम्मेलन में महाराष्ट्र, अन्य राज्यों और विदेशों से मराठी प्रेमी और लेखक आए हैं और मराठी भाषा विभाग ने वास्तव में इस सम्मेलन को वैश्विक बना दिया है। दुनिया में ऐसा कोई देश नहीं है जहां मराठी लोग नहीं पहुंचे हैं।”
