इंदौर का देश का वेटलैण्ड शहर बनना हमारे लिये गौरव का क्षण: यादव

भोपाल, 25 जनवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश के नाम एक और उपलब्धि तब जुड़ गई जब रामसर कन्वेंशन द्वारा इंदौर शहर को प्रतिष्ठित वेटलैण्ड सिटी घोषित किया गया।

डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की इस उपलब्धि को देश और प्रदेश की उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि यह मध्यप्रदेश केलिए गौरव का क्षण है। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में काम करने वाली अंतर्राष्ट्रीय संस्था रामसर द्वारा शनिवार को 31 वेटलैण्ड शहरों की सूची जारी की गई है। इसमें उन शहरों को सम्मानित किया गया है जो अपने वेटलैंडस का संरक्षण करने के साथ-साथ शहरी विकास में भी उत्कृष्ट योगदान देते हैं। इसमें पहली बार देश के 2 शहरों इंदौर और उदयपुर को भी शामिल किया गया है।

रामसर कन्वेंशन द्वारा शनिवार को दुनिया के 31 शहरों को वेटलैण्ड सिटी के रूप में मान्यता देते हुए घोषणा की है। देश में रामसर द्वारा पहली बार दो शहरों को एक साथ वेटलैण्ड शहर के रूप में मान्यता दी है। इनमें इंदौर और उदयपुर को देश के पहले दो शहरों के रूप में शामिल किया गया है। जारी सूची में शामिल विश्व के अन्य शहर इस प्रकार हैं : अर्जेंटीना के ट्रेलेव, बेल्जियम के मेचेलेन, बोत्सवाना के कसाने-कज़ुंगुला, शाकावे, चिली के वाल्डिविया, चीन के चोंगमिंग, डाली, फ़ूज़ौ, हांग्जो, जिउजियांग, ल्हासा, सूज़ौ, वेनझोउ, यूयांग, फ़्रांस के एब्बेविल, आर्ल्स, हैम्पिग्नी, ईरान (इस्लामिक गणराज्य) के बाबोल, बंदर किआशर, गैंडोमन, जापान के नागोया शहर, मोरक्को के मेहद्या, फिलीपींस के बलांगा शहर, पोलैंड के पॉज़्नान, कोरिया गणराज्य के गिम्हे, मुंगयोंग, सर्बिया के नोवी साद, स्विटजरलैंड के जिनेवा और जिम्बाब्वे के विक्टोरिया फॉल्स को भी शामिल किया गया है।

उल्लेखनीय है कि विगत दिनों केन्द्र सरकार द्वारा इंदौर का नाम रामसर कन्वेंशन को प्रतिष्ठित वेटलैंड सिटी के रूप में मान्यता प्रदान करने के लिए नामांकित किया गया था। केन्द्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने बताया कि इससे इंदौर और उदयपुर को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सकारात्मक ब्रांडिंग के रूप में पहचान मिलेगी।

पर्यावरण की दृष्टि से इंदौर शहर देश और प्रदेश की स्वच्छतम शहरों में से एक तो था ही, साथ में देश का पहला वेटलैण्ड शहर होने का गौरव इंदौर को मिला। औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विकसित इंदौर पर्यावरण के क्षेत्र में भी संतुलन बनाए हुए है। इंदौर में सिरपुर और यशवंत सागर को रामसर साइट को पूर्व में ही घोषित किया जा चुका है। यहां झीलों के संरक्षण, पर्यावरण सुधार और पक्षियों के लिए आदर्श आवास की स्थिति विकसित करने के साथ ही सिरपुर को बर्ड सैंक्च्युअरी के रूप में विकसित किया जा रहा है।

रामसर संधि, जिसे “वेटलैंड्स पर हुई संधि” भी कहा जाता है। यह संधि वर्ष 1971 में ईरान के रामसर नामक स्थल पर विश्व के विभिन्न देशों ने हस्ताक्षरित की थी। इस प्रकार यह एक अंतर-सरकारी संधि है, जो आर्द्र भूमियों और उनके संसाधनों के संरक्षण के फ्रेमवर्क उपलब्ध करवाती। इन उपलब्ध मापदंड के अनुसार आर्द्र भूमि को संरक्षित करने सहायता प्राप्त होती है। इसी प्रकार वर्ष 2015 में रामसर कन्वेंशन के 12वीं कॉन्फ्रेंस ऑफ पार्टीज में वेटलैण्ड सिटी को मान्यता देने के लिए कार्यक्रम प्रारंभ किया गया था। वेटलैंड्स का संरक्षण करने के साथ शहरी विकास में भी उत्कृष्ट योगदान देने वाले शहरों को वेटलैण्ड शहर की मान्यता दी जाती है।

 

 

Next Post

ऊंची आर्थिक विकास दर से रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं: मुर्मु

Sat Jan 25 , 2025
नयी दिल्ली 25 जनवरी (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने शनिवार को कहा कि हाल के वर्षों में आर्थिक विकास की दर लगातार ऊंची रही है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, किसानों और मजदूरों के हाथों में अधिक पैसा आया है तथा बड़ी संख्या में लोगों […]

You May Like

मनोरंजन