सिंहस्थ क्षेत्र में स्थाई निर्माण के लिए होगा जमीन अधिग्रहण

विकास प्राधिकरण ने शुरू की प्रक्रिया, साधु संतों व धार्मिक संस्थाओं को देंगे जमीन
किसानों ने किया योजना का विरोध, कोर्ट जाने की तैयारी

उज्जैन: प्रयागराज महाकुंभ के दौरे से लौटकर अधिकारियों ने सिंहस्थ 2028 की ताबड़तोड़ तैयारियां प्रारंभ कर दी है. कलेक्टर नीरज कुमार सिंह से लेकर विकास प्राधिकरण के सीईओ संदीप सोनी ने मेला क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है.नवभारत से चर्चा में कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि सिंहस्थ मेला क्षेत्र में साधु संतों, महामंडलेश्वरों से लेकर 13 अखाड़ों व महाकुंभ में अपने प्रकल्प संचालित करने वाली सभी धार्मिक आध्यात्मिक संस्थाओं को जमीन दिए जाने की योजना मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर बनाई गई है.

जमीन अधिग्रहण की सूचना जारी
उज्जैन विकास प्राधिकार ने सिंहस्थ मेला क्षेत्र के किसानों की जमीन अधिग्रहण करने के लिए सूचना पत्र जारी कर दिया है. जितनी जमीन क्षेत्रफल और हेक्टेयर में ली जानी है उसके आंकड़े जारी कर दिए गए हैं.

किसानों में मचा हड़कंप
नवभारत से चर्चा में मोहनपुर जियापुरा से लेकर पिपलीनाका क्षेत्र के किसानों ने बताया कि हमारी जमीन में से 50′ जमीन विकास प्राधिकरण द्वारा ले ली जाएगी ,तो हम हमारे परिवार का भरण पोषण कैसे करेंगे. साथ ही जो जमीन हमारे पूर्वजों की है उसे स्थाई तौर पर लिया जाना गलत है, हमें कितना मुआवजा दिया जाएगा। यह भी स्पष्ट नहीं बताया जा रहा.

कोर्ट जाने की तैयारी
सिंहस्थ मेला क्षेत्र के किसान जमीन अधिग्रहण के विरोध में है किसानों का कहना है कि प्रक्रिया के विरोध में हमने मीटिंग कर ली है और जल्दी हम कोर्ट का रुख अख्तियार करेंगे. ऐसे तो हमारे बच्चे भूखे मर जाएंगे, और हमको किसान का काम छोड़कर दूसरी नौकरी मजदूरी करना पड़ेगी.

जमीन अधिग्रहण पर एक नजर
उज्जैन विकास प्राधिकरण ने धारा 50 की उप धारा 1 के अधीन नगर विकास स्कीम बनाने की घोषणा कर दी है, जिसमें मध्य प्रदेश नगर तथा ग्राम निवेश अधिनियम 1973 के अंतर्गत सिंहस्थ मेला क्षेत्र नगर विकास योजना क्रमांक टीडीएस 08 उज्जैन 2024 अर्थात ग्राम मोहनपुरा व जियापुरा सिंहस्थ मेला क्षेत्र की भूमि पर योजना बनाने की तैयारी है. योजना में जो जमीन ली जाएगी उनके खसरे पत्र में उल्लेखित किए हैं. भू स्वामी का नाम ,तहसील ग्राम का नाम ,खसरा और कितने हेक्टेयर जमीन ली जाएगी, उसका भी उल्लेख किया है. ऐसे में दोनों गांव के किसानों के हड़कंप मच गया है.

इनका कहना है
सिंहस्थ महाकुंभ 2028 में 20 करोड़ श्रद्धालुओं के मद्देनजर योजनाएं बनाई जा रही है. प्रयागराज के अनुभव भी सिंहस्थ में काम आएंगे. मेला क्षेत्र को लेकर जमीन अधिग्रहण की तैयारी चल रही है, साधु संतों के पड़ाव यहीं पर लगेंगे, इसके लिए विस्तृत कार्य योजना बनाई जा रही है.

– नीरज कुमार सिंह, कलेक्टर उज्जैन

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