गली, मोहल्लों में बढ़ रही है नशे की लत
इंदौर: जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा एक मंच से कुछ शहर में शराब बंद की बात कही है. वहीं नशे को लेकर आज प्रदेश में वर्तमान स्थिति बहुत ही ज़्यादा ख़राब हो चली है लाख कोशिशों के बाउजूद नशा खोरी और नशा माफियां चरम पर है.पिछले कुछ वर्षों से मध्य प्रदेश में नशे का व्यापार बहुत जोरों से फेल चुका है. हमेशा नशा बेचने वाले माफिया पकड़ाते है लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने पर इन नशा माफियाओं में शासन और प्रशासन का डर बिलकुल नहीं दिखाई दिया.
आज भी वहां युवाओं को अपना शिकार बना रहे है. अब तो यह हाल हो चुका है कि नशा बेचने और एक स्थान से दूसरे स्थान पर पहुंचवाने के लिए महिलाओं और छोटे बच्चों का सहारा लिया जाने लगा है. इंदौर शहर में जहां बस्तियों और मोहल्ले भर में यहां गोरखधंधा चरम पर है वहीं बड़ी होटलों में भी इसकी सप्लाई आसान है. जहां प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रदेश के 17 धार्मिक शहर में शराब बंदीकी बात कर रहे है वहीं आम जनता पूरे प्रदेश में शराब बंदी की अपील कर रही है. साथ ही युवाओं और बच्चों के भविष्य के लिए एमडी गांजा, अफीम, ड्रग्स जैसे मादक पदार्थों पर सख्ती से कार्रवाई चाह रहे है.
इनका कहना है
शराब के साथ ही जहरीले नशे पर बंदी लगाई जाए. आज शहर में भी यह पैर पसारे हुए है. इससे नस्ले तो बर्बाद हो रही है. इसी के कारण वारदातें भी होती है.
– संदीप बैरवा
यहां अच्छी बात है कि शराब बंदी कुछ शहरों में हो रही है. धीरे-धीरे इसे पूरे प्रदेश में भी लागू किया जा सकता है. जो अच्छे संकेत है कहीं से शुरूवात हो रही है.
– नदीम खान
शहर की सीमा वाले क्षेत्र जहां नशा माफिया सक्रिय है. आज शहर के मध्य एवं निम्न वर्ग क्षेत्र के बच्चों को इसमें धकेला गया है. शराब से ज़्यादा तो यहां ख़तरनाक है.
– योगेश ठाकुर
