मुरैना: मुरैना जिले की सबलगढ़ तहसील के टेंटरा चौकी में रहने वाली एक महिला ने कलेक्टर से अपनी आपबीती सुनाई. महिला ने शिकायत में कहा “उसने 5 वर्ष पहले नसबंदी ऑपरेशान कराया था. वह अब प्रेग्नेंट हो गई है.” कलेक्टर से महिला ने कहा “उसका पति दिहाड़ी मजदूर है. वह खुद एक पैर से विकलांग है. दूसरी संतान के बाद उसने नसबंदी ऑपरेशन करवा लिया था, लेकिन फिर भी उसको गर्भ ठहर गया. ऐसी स्थिति में वह तीसरी संतान का भरण-पोषण कैसे करेगी.” कलेक्टर ने महिला की फरियाद सुनने के बाद तत्काल आर्थिक सहायता राशि मंजूर करते हुए जांच के आदेश दिए.
डॉक्टर पर ऑपरेशन में लापरवाही का आरोप महिला ने कलेक्टर को बताया “16 जनवरी 2019 को सबलगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उसकी दूसरी डिलेवरी हुई थी. डिलेवरी के बाद परिजनों ने सहमति से नसबंदी ऑपरेशन कराया. इसके बाद वह निश्चिंत हो गई कि अब उसे कोई संतान नहीं होगी. ऑपरेशन के कुछ दिनों बाद वह एक दुर्घटना में घायल हो गई, जिससे वह एक पैर से विकलांग हो गई. कुछ दिन पहले जांच के दौरान पता चला कि उसके पेट मे 5 माह का गर्भ है.” महिला का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉक्टर की लापरवाही के कारण वह गर्भवती हुई.
महिला ने कलेक्टर को बताया “उसके पहले से दो पुत्र हैं. वह तीसरी संतान का भरण पोषण करने में असमर्थ है. तीसरी संतान होने के बाद उसे शासन से मिलने वाली सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है.” महिला की फरियाद सुनने के बाद कलेक्टर अंकित अस्थाना ने शासन द्वारा दी जाने वाली सहायता राशि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. इसके साथ ही मुख्य चिकित्सा अधिकारी से कहा “तत्कालीन डॉक्टर की केस रिपोर्ट देखकर उस पर कार्रवाई करें.”
