निगम की नजरों में जायस है यूनिपोल
जबलपुर:विगत चार दिन पहले 19 जनवरी को यूनिपोल पर फ्लैक्स बदलने के दौरान हुए हादसे के चार दिनो बाद आखिरकार नगर निगम ने यूनिपोल और होर्डिंगों की जांच के लिए समिति गठित करने की घोषणा की है। यह कमेटी 15 दिनों के अंदर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। फिलहाल अभी इस कमेटी के सदस्यों के नाम और संख्या के बारे में जानकारी नहीं दी गई है। वही जानकारों कि माने तो आज यह कमेटी का गठन कर जांच शुरू कर दी जाएगी। बता दे कि नवभारत द्वारा पूर्व में अवैध होर्डिंग से आम नागरिकों के लिए बढ़ते खतरो के बारे में समाचार की मदद से सावधान किया गया था।
लगाया गया एक और होर्डिंग
खतरनाक यूनिपोल से बढ़ रहा है हादसों का खतरा जिसकी कई बार शिकायत भी की गई फिर भी जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे है। नागरिकों ने बताया कि भैंसासुर रोड पर एक जगह यूनिपोल लगाया गया है। शहर में नियमों को तार-तार कर खतरनाक यूनिपोल लगाने की अनुमति दे दी गई है। वही अधिकारियों की माने तो शहर में सारे होर्डिंग निगम की परमिशन के बाद ही लगाए जा रहे हैं। मप्र आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम-2017 में स्पष्ट तौर पर लिखा हुआ है कि सड़क के बीच में यूनिपोल लगाने की परमिशन किसी भी हालत में नहीं दी जा सकती। इसके बाद भी नगर निगम ने भैंसासुर रोड पर सड़क के बीच में डेंजर यूनिपोल लगा दिया है।
सामने नहीं आते परिणाम
बता दे कि वैध और अवैध होर्डिंग की जांच के लिए पहले भी 3 जुलाई 2024 को जाँच समिति का गठन किया था। इसमें नगर निगम क्षेत्र के सभी वैध अवैध यूनीपोल होर्डिंग को चिन्हित कर जांच करना थी। निगम की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जांच में शामिल तत्कालीन अधीक्षण यंत्री अगस्त माह में ही सेवानिवृत्त हो गए थे, लेकिन उनकी जगह किसी की भी नियुक्ति नहीं कि गई थी।
हर जगह बस होर्डिंग्स
शहर में जगह-जगह होर्डिंग्स देखे जा सकते हैं जो विज्ञापन नीतियो की धज्जियां उड़ाते है। शहर के प्राइम लोकेशनों पर अवैध स्ट्रक्चर खड़े कर दिए गए जाते है और अधिकारियों द्वारा बोला जाता है कि यह सब पूरी जांच के बाद ही लगाए गए हैं। नगर में शास्त्री ब्रिज से लेकर नेपियर टाउन समेत कई स्थानों पर लगे स्ट्रक्चर राहगीरों का ध्यान भटकाते है और दुर्घटनाओं को आमंत्रित करते हैं।
इनका कहना है
निगम द्वारा होर्डिंग्स की परमिशन पूरी जांच के बाद ही दी जाती है। शहर में लगे सारे होर्डिंग्स वैध हैं।
भूपेंद्र सिंह, होर्डिंग प्रभारी, नगर निगम
