ग्वालियर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जेसी मिल के लगभग 8 हजार श्रमिकों की देनदारियों के भुगतान करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार के प्रयास आखिरी दौर में पहुँच गए हैं। हमारा प्रयास है कि इंदौर की हुकुमचंद मिल व उज्जैन की विनोद मिल की तर्ज पर जेसी मिल के लगभग 8 हजार श्रमिक बंधुओं की देनदारियों का भुगतान भी जल्द से जल्द हो और उनकी दिवाली खुशियों के साथ मने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जेसी मिल श्रमिकों की देनदारियों के भुगतान के लिये हो रहे प्रयासों को गति देने के उद्देश्य से ग्वालियर में आयोजित हुई अहम बैठक में यह बात कही। बैठक में ग्वालियर जिले के प्रभारी एवं जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट वर्चुअल रूप से शामिल हुए। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर बैठक में मौके पर मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त परिसमापक श्री व्योमेश सेठ से कहा कि पुराने व नवीन दावों के आधार पर जल्द से जल्द भुगतान का आंकलन कर उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करें, जिससे उच्च न्यायालय में विचाराधीन जेसी मिल श्रमिकों के भुगतान से संबंधित मामले का शीघ्र निराकरण हो जाए और श्रमिकों की देनदारियों का भुगतान किया जा सके। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजेश राजौरा एवं प्रमुख सचिव उद्योग श्री राघवेन्द्र सिंह को भी निर्देश दिए कि जेसी मिल श्रमिकों की भुगतान संबंधी कार्रवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में वर्चुअल व प्रत्यक्ष रूप से मौजूद मंत्रिगण, जेसी मिल श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों, उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त परिसमापक एवं उद्योग विभाग के राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी, संभाग आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों से चर्चा कर जेसी मिल श्रमिकों की देनदारियों के भुगतान के संबंध में की जा रही कार्रवाई की वस्तुस्थिति जानी। साथ ही इस कार्रवाई को और तेज करने के निर्देश दिए।मंगलवार को संभाग आयुक्त कार्यालय के सभागार में आयोजित हुई बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष शहर श्री जयप्रकाश राजौरिया व ग्रामीण श्री प्रेम सिंह राजपूत, संभाग आयुक्त श्री मनोज खत्री, पुलिस महानिरीक्षक श्री अरविंद सक्सेना, पुलिस उप महानिरीक्षक श्री अमित सांघी, कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री धर्मवीर सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अमन वैष्णव व अपर कलेक्टर श्रीमती अंजू अरुण कुमार, श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधिगण सर्वश्री राजेन्द्र सिंह नाती, कुलदीप सिंह सेंगर व श्री रतीराम यादव सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
नए उद्योगों से ग्वालियर जिले के 80 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार
बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ग्वालियर की जेसी मिल व रतलाम की सज्जन मिल सहित प्रदेश की सभी बंद मिलों पर श्रमिकों का बकाया भुगतान तो सरकार करायेगी ही, साथ ही इन मिलों की जमीन पर सरकार नई औद्योगिक इकाईयाँ भी स्थापित करेगी, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सके। इस कड़ी में अकेले ग्वालियर जिले में स्थापित होने जा रही औद्योगिक इकाईयों से 80 हजार से एक लाख स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा।
उन्होंने कहा सरकार द्वारा क्षेत्रीय इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव की श्रृंखला चलाई जा रही है। जिसके तहत प्रदेश के सात संभागों में इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव आयोजित हो चुकी हैं। इनमें बड़े पैमाने पर निवेश के प्रस्ताव सामने आए हैं। इनसे चार लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि फरवरी माह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मुख्य आतिथ्य में प्रदेश में विश्व स्तरीय इंडस्ट्रीयल समिट आयोजित होने जा रही है, जिससे प्रदेश को बड़ा औद्योगिक निवेश मिलेगा।कैलारस शुगर मिल की समस्या भी सरकार हल करेगी मुख्यमंत्री ने कहा कि मुरैना जिले की कैलारस शुगर मिल से जुड़े श्रमिकों की समस्याओं का समाधान भी प्रदेश सरकार करेगी। इसी तरह उज्जैन की बंद सोयाबीन फैक्ट्री के श्रमिकों का भुगतान कराया जायेगा।
