प्रकृति पर आघात थी भोपाल गैस त्रासदी

माधव विधि महाविद्यालय में पर्यावरण कानून पर परिचर्चा संगोष्ठी

ग्वालियर। प्रकृति पर आघात थी भोपाल गैस त्रासदी। यह बात मध्य भारत शिक्षा समिति द्वारा संचालित माधव विधि महाविद्यालय में पर्यावरण कानून पर परिचर्चा संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों ने कही। इस संगोष्ठी में भोपाल गैस त्रासदी के महत्वपूर्ण निर्णय पर चर्चा की गई।

छात्रों ने इस परिचर्चा संगोष्ठी में गंभीरता से भाग लिया और मामले के सभी तथ्यों और कमियों पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि भोपाल गैस त्रासदी एक ऐसी घटना थी जिसने पूरे देश को हिला कर रख दिया था। इस घटना में हजारों लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। इस मामले में अदालत का निर्णय एक महत्वपूर्ण मोड़ था।

माधव विधि महाविद्यालय के छात्रों ने इस मामले के सभी पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने अदालत के निर्णय पर विस्तार से चर्चा की और इसके परिणामों पर भी चर्चा की। छात्रों ने इस मामले में सरकार और कंपनी की भूमिका पर भी प्रकाश डाला।

कार्यक्रम में माधव विधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. नीति पांडे ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए बताया कि पर्यावरण कानून एक महत्वपूर्ण विषय है और इसके बारे में जागरूकता फैलाना आवश्यक है।

कार्यक्रम का समापन माधव विधि महाविद्यालय के छात्रों द्वारा प्रस्तुत नाटक से हुआ। नाटक में भोपाल गैस त्रासदी की घटना को दर्शाया कर इसके परिणामों पर भी प्रकाश डाला गया। इस प्रकार के माध्यम से महाविद्यालय के छात्रों को पर्यावरण कानून के बारे में जागरूक किया और उन्हें इस विषय पर चर्चा करने का अवसर प्रदान किया। कार्यक्रम की संयोजिका महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापक कु. आोजशवी गुप्ता रहीं !

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