
ग्राम लसुल्डिया में सुबह चाय पीने के बाद बिगड़ी तबीयत
नलखेड़ा, 18 जनवरी. तहसील के ग्राम लसुल्डिया केलवा में गत दिवस एक ही परिवार के पांच सदस्य गंभीर फूड पॉइजनिंग का शिकार हो गए. यह घटना तब घटी, जब परिवार के सदस्य पानी बाई, हेमलता, कालूराम, श्रेया और लीला बाई ने सुबह चाय पी. कुछ ही देर बाद उनकी तबीयत बिगडऩे लगी और उन्हें चक्कर आने लगे, उल्टी होने लगी और पेट में दर्द महसूस होने लगा. यह स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि परिवार के सदस्यों ने सभी को इलाज के लिए नलखेड़ा के शासकीय अस्पताल में भर्ती किया.
यह घटना न केवल स्थानीय समुदाय को चौकस करने वाली है, बल्कि इसे लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी चेतावनी दी है. परिवार के पांचों सदस्य जल्दी ही लसुल्डिया केवल से एम्बुलेंस द्वारा नलखेड़ा अस्पताल लाए गए. जहां उनका प्राथमिक उपचार किया गया. उनकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल के लिए रैफर किया. डाक्टरों की निगरानी में उनका उपचार जारी है. चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजीव भाटी ने बताया कि चाय में किसी जहरीले पदार्थ का मिश्रण होने के कारण यह फूड पॉइजनिंग हुई है. उन्होंने कहा कि मरीजों में दिख रहे लक्षणों के आधार पर यह स्पष्ट है कि चाय में मिलाए गए किसी तत्व से यह समस्या उत्पन्न हुई. डाक्टरों ने यह भी बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है, ताकि यह पता चल सके कि जहरीला पदार्थ चाय में किस कारण से मिला.
किसी भी प्रकार के संदिग्ध पदार्थ से बचें
डॉ. भाटी ने यह भी बताया कि फूड पॉइजनिंग से बचाव के लिए यह जरूरी है कि लोग ताजे और स्वच्छ पदार्थों का सेवन करें. चाय, दूधए और अन्य तरल पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करना भी बेहद जरूरी है. यह घटना यह साबित करती है कि खाने-पीने की चीजों के साथ अतिरिक्त सावधानी बरतना कितना महत्वपूर्ण है. खाद्य सुरक्षा के नियमों के पालन में कमी की वजह से ऐसे मामले उत्पन्न हो सकते हैं. स्वास्थ्य अधिकारियों ने आम जनता से आग्रह किया है कि वे खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता की जांच करें और किसी भी प्रकार के संदिग्ध पदार्थ से बचें.
