
माथनी कोयला खदान पर मंडरा रहा बंद होने का खतरा
छिंदवाड़ा. पेंच कोयला क्षेत्र की माथनी भूमिगत कोयला खदान में पहले साईड फाल होने से एक मजदूर का पैर कटा , अब खदान में गैस रिसाव हुआ । इस खदान में प्रबंधक की? लापरवाही से बंद होने का खतरा मंडरा रहा है ।
वेस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड पेंच क्षेत्र की माथनी भूमिगत कोयला खदान में बुधवार को कार्बन मोनोआक्साईड का स्तर बढऩे के बाद कामगारों को बाहर निकाल लिया गया । खदान में बंद सेक्शन में स्टापिंग लीक होने के चलते आग लगी इसका कारण कार्बन मोनोआक्साईड बढ़ता बताया जा रहा है । माईंस रेस्क्यू टीम बुधवार को दोपहर दो बजे खदान में पहुंची थी । गुरुवार को जी एम ने भी खदान का दौरा किया । इससे पहले इसी खदान में 1 जनवरी को साईड फाल हुआ था , जिसकी चपेट में आकर एक मजदूर गंभीर घायल हुआ जिसका इलाज नागपुर में जारी है । एक पखवाड़े के अंदर हुई इन दो घटनाओं से खदान प्रबंधक और उप क्षेत्रीय प्रबंधक की कार्य प्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं । सूत्रों से पता चला है,कि इस खदान में अगस्त 2024 में बिना परमिशन के 15 राइस 7 लेवल वाला सेक्शन खोल कर चलाया उसमें भी कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर 2000 पी पी एम पहुंच गया था , जबकि खदान में परमिसेबल लिमिट 50 पी पी एम होती है। जिसके बाद लाखों रुपए लगाकर स्टापिंग की गई। जिसमें ठेकेदार को फायदा हुआ । फिर माइंस सर्वे के हिसाब से 4 लेवल के ऊपर फेज में कोयला नही मिला था फिर भी 0 लेवल 13 राइस 14 राइस फेज चलाकर केवल पत्थर का उत्पादन करके शो किया गया । 31 दिसंबर 2024 को जल्दीबाजी में मशीन शिफ्ट करके 6 डीप 12 लेवल फेज चलाया गया । 1 जनवरी 2025 को एक कोलकर्मी कि दुर्घटना ग्रस्त हो गया 7 डीप 12 लेवल में साइड फाल हुआ जहां पर छत की ऊंचाई 6 से 7 मीटर थी वहां पर पर्याप्त स्पोर्ट नही था जो ,कि सेक्शन के अंदर आने जाने का एक मात्र रास्ता था । इसके लिए पी एस सी कमेटी मीटिंग में मैनेजर को कई बार लिख कर दिया गया कि वहां पर रस्सा जाली से साइड स्पोर्ट किया जाए , लेकिन ऐसा नहीं किया गया । जिस कारण वह दुर्घटना हुई थी इसके बावजूद 2 जनवरी से उत्पादन बन्द कर दिया गया । मशीन से कोयला उठा कर अंदर ही डम्प कराया जा रहा था । 15 डीप 18 लेवल में फ़ाल का कोयला एक मशीन द्वारा उठाया जा रहा था , वह भी 1 जनवरी से बंद कर दिया गया । तब से लेकर अब तक यहां उत्पादन शून्य है । सूत्र यह भी बता रहे हैं कि इस खदान को बंद करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है? । इन घटनाओं के मामले में खदान प्रबंधक शशिकांत साहू और उप क्षेत्रीय प्रबंधक आर डी गिल कोई भी जानकारी मीडिया से साझा करने के लिए तैयार नहीं है ।
