गौशाला में हो रही गायों की मौत, कुत्ते खा रहे शव

बड़वारा क्षेत्र की बजरवारा गौशाला में आए दिन हो रही गायों की मौत, कार्रवाई की मांग

कटनी: जिले के बड़वारा विकासखंड क्षेत्र में संचालित गौशालाओं में गाय की मौत होने के मामले सामने आ रहे हैं। बजरवारा गौशाला में हालात बेहद गंभीर हैं। यहां पर आए दिन गायों की मौत हो रही है। जिसके कारण गौशाला में गायों की देखरेख, समय पर खाद्य सामग्री नहीं मिलने और बीमारी होने पर इलाज नहीं मिलने के आरोप लगाए जा रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि गौशाला का संचालन कर रहे महिला स्वयं सहायता समूह के सदस्य गायों की देखभाल में लापरवाही बरत रहे है। उनके मुताबिक, गायों को न तो समय से पर्याप्त भोजन मिल रहा है और न ही बीमार गायों का समय पर इलाज कराया जा रहा है।

इस संबंध में कई बार पंचायत, जनपद कार्यालय और पशु विभाग को शिकायत की गई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। गौशाला में काफी संख्या पर गायों की हो रही मृत्यु हो रही है। समाजसेवी राघवेंद्र सिंह ने बताया कि पिछले दो सप्ताह में ही करीब सात गायों की मौत हो होने की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि इससे ज्यादा दुखद ये है कि मृत गायों को खुले में कुत्तों के खाने के लिए छोड़ दिया जाता है। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग है कि गौशालाओं में व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाए और गायों की मौत रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।
लापरवाही करने वालो पर कार्रवाई की जाए
वहीं इस मामले में बड़वारा जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी केके पांडेय ने कहा है कि गौशाला में काफी संख्या पर गायों की मृत्यु होने की सूचना मिली है। जल्द ही गौशाला की व्यवस्था दुरुस्त कराने का प्रयास किया जाएगा। गायों की मौत किस वजह से हो रही है इसकी पूरी जांच कराई जाएगी। लापरवाही करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समाजसेवियों ने कलेक्टर के नाम सौपा ज्ञापन
गौशाला में लगातार हो रही गायों की मौत के मामले में सोमवार को समाज सेवा विकास संस्था के सदस्यों ने बड़वारा तहसील कार्यालय में कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौपते हुए तत्काल गौशाला की व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है। ज्ञापन देने आए समाजसेवी राजाराम पटेल ने बताया कि बजरवारा गौशाला में रखरखाव और इलाज के अभाव में आए दिन गायों की मृत्यु हो रही है जो बेहद ही दुखद और निंदनीय है पिछले एक माह के भीतर करीब 20 गायों की मृत्यु अब तक हो चुकी है और अभी भी कई गाय बीमारियों से जूझ रही है अगर समय रहते गौशाला में भोजन और इलाज की व्यवस्था नहीं कराई गई तो मौजूद अन्य गाय भी बेमौत मर जाएंगी।

समाजसेवी सावित्री केवट ने बताया कि गौशाला में जिस तरीके से काफी संख्या पर गायों की मौत हो रही है वह बेहद ही चिंताजनक और दुखद है। उन्होंने कहा कि लापरवाही का आलम ये है कि गाय के शव को खुले आसमान के नीचे फेंका जा रहा। है जिसके बाद मृत गाय को को आवारा कुत्ते नोचकर खा रहें हैं। ज्ञापन में जिला प्रशासन से मांग की गई है कि सात दिन के अंदर गौशाला की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाए। लापरवाह संचालक समूह को तत्काल हटाकर किसी जिम्मेदार समूह संगठन को गौशाला के देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी जाए। ज्ञापन सौंपने के दौरान बबिता सिंह, फिजा बी, प्रभा सेन, सुखेन्द्र सिंह, सचिन कुशवाहा, राजाराम पटेल, सुमित रजक, संदीप, सावित्री केवट, अनंत सिंह, रामचरण सिंह सहित अन्य की मौजूदगी रही।

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